Sunday, July 21, 2024
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PM Modi and Sharad Pawar together: पीएम मोदी से गर्मजोशी से मिले शरद पवार, I.N.D.I.A की आपत्ति को किया अनसुना, जानिए पीएम के लोकमान्य तिलक अवॉर्ड से सम्मानित होने पर क्या कहा?

विपक्ष के महागठबंधन INDIA की आपत्ति के बावजूद एनसीपी प्रमुख शरद पवार (NCP chief Sharad Pawar) ने पीएम मोदी (PM Modi) के साथ मंच साझा किया। विपक्षी दलों ने शरद पवार से आग्रह किया था कि वो पीएम मोदी के कार्यक्रम समारोह से दूर रहें, लेकिन पवार ने किसी की नहीं सुनी और बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। 
पुणे (Pune) में हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को तिलक स्मारक ट्रस्ट की ओर लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार (Lokmanya Tilak National Award) से सम्मानित किया गया। इस दौरान पीएम मोदी ने अवार्ड की राशि को नमामि गंगे योजना (Namami Gange Scheme) में देने का ऐलान किया।
पीएम मोदी और शरद पवार की मुलाकात का वीडियो (सोशल मीडिया पोस्ट)
इस मौके पर दोनों नेता पीएम मोदी और शरद पवार (PM Modi and Sharad Pawar) ने एक दूसरे का हालचाल भी लिया। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जिस तरह विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट हो रहा है, ऐसे में पीएम मोदी और शरद पवार का एक मंच पर होना विपक्षी एकता पर सवाल खड़े करता है। पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने की प्रतिबद्धता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शरद पवार I.N.D.I.A के प्रतिनिधिमंडल से मिले तक नहीं। पवार जब दिल्ली में थे तब प्रतिनिधिमंडल में शामिल अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने उनसे मिलने का समय मांगा। मगर पवार सीधे पुणे चले आए और पीएम मोदी के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि इससे पहले ये पुरुस्कार पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ मनमोहन सिंह, शंकर दयाल शर्मा, इंदिरा गांधी दिया गया था। इस लिस्ट में आज पीएम मोदी का भी नाम शामिल हो रहा है इसलिए मैं उनको दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं।
पुणे में कार्यक्रम के दौरान की तस्वीर
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए काफी अहम और भावुक करने वाला है। पुणे की भूमि आदर की भूमि है, मैंने यहां के मंदिर का आशीर्वाद लिया। पीएम ने कहा कि आज जो सम्मान मिला है, ये मेरे लिए काफी खास है। जब भी कोई अवॉर्ड मिलता है तो उसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ जाती है।

आक्रांताओं का नाम हटाने से कुछ लोगों को लगती है मिर्ची’

पीएम मोदी बोले कि जिनके नाम में गंगाधर है, उनके अवॉर्ड की ईनाम राशि जो मुझे दी गई है वो मैं नमामि गंगे प्रोजेक्ट में दे रहा हूं। लोकमान्य तिलक जी ने स्वतंत्रता आंदोलन की पूरी दिशा बदल दी थी, जब अंग्रेज कहते थे कि भारतवासी देश चलाने के लायक नहीं है, तब उन्होंने स्वराज का नारा दिया था। आज अगर हम विदेशी आक्रांताओं के नाम पर बनी सड़क का नाम बदलते हैं, तो कुछ लोगों को मिर्ची लग जाती है। लेकिन आजादी से पहले सरदार साहब ने लोकमान्य गंगाधर तिलक की मूर्ति लगाने के लिए अंग्रेजों को चुनौती दी थी।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकमान्य गंगाधर तिलक में युवाओं को पहचानने की कला थी, उन्होंने ही वीर सावरकर को पहचाना। वो चाहते थे कि वीर सावरकर विदेश जाकर पढ़ाई करें और वापस आकर देश की सेवा करें। वीर सावरकर के लिए तिलक जी ने सिफारिश की थी, उन्होंने राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा दिया।

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