Sunday, July 21, 2024
HomeविदेशToshakhana Case: पाकिस्तान को अपनों ने लूटा..गैरों में कहां दम था, जानिए...

Toshakhana Case: पाकिस्तान को अपनों ने लूटा..गैरों में कहां दम था, जानिए कैसे इमरान से लेकर नवाज़ शरीफ ने की सरकारी खज़ाने की चोरी

पाकिस्तान की सरकार ने रविवार को 2002 से 2022 तक सार्वजनिक कार्यालय धारकों जैसे राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, संघीय कैबिनेट सदस्यों, राजनेताओं, नौकरशाहों, सेवानिवृत्त जनरलों, न्यायाधीशों और पत्रकारों द्वारा रखे गए विदेशी उपहारों का विवरण सार्वजनिक किया। तोशाखाना से जुड़ी जानकारियां मंत्रिमंडल प्रभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। तोशाखाना उपहारों से लाभान्वित होने वाली प्रमुख हस्तियों में राष्ट्रपति डॉ आरिफ अल्वी, प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान, पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी का नाम शामिल है। दस्तावेजों के अनुसार, कुछ उपहारों को छोड़कर अधिकांश उपहार इन नेताओं ने बिना कोई कीमत अदा किए अपने पास रख लिए।

सोशल मीडिया पोस्ट

गाड़ी चोर निकले नवाज़ शरीफ और जरदारी

आसिफ अली जरदारी और नवाज शरीफ को अपनी यात्राओं के दौरान एक-एक बुलेटप्रूफ वाहन मिला था और तोशखाना को कुछ पैसे देने के बाद दोनों ने इन वाहनों को अपने पास रख लिया।

आसिफ अली जरदारी, पूर्व राष्ट्रपति, पाकिस्तान

पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने विदेश यात्रा के दौरान उपहार में मिली एक बुलेटप्रुफ गाड़ी काफी कम कीमत देकर अपने पास रख ली। करीब 3 करोड़ रुपए की कीमत वाली इस कार के लिए जरदारी ने तोशाखाना में सिर्फ 40 लाख रुपए जमा करवाए

नवाज शरीफ, पूर्व पीएम, पाकिस्तान

पूर्व पीएम नवाज़ शरीफ ने भी एक बुलेप्रुफ गाड़ी कम पैसे देकर अपना पास रख ली। नवाज़ शरीफ ने करोड़ों की मर्सिडीज़ कार को 60 लाख रुपए देकर हड़प लिया। जबकि, परवेज़ मुशर्रफ और शौकत अजीज़ ने बिना एक पैसा चुकाए सैकड़ों विदेशी उपहार अपने पास रख लिए।

सोशल मीडिया पोस्ट

जरदारी और शरीफ ने घड़ियां तक नहीं छोड़ीं

सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि नवाज़ शरीफ और आसिफ अली ज़रदारी ने सरकारी खज़ाने में जमा किए गए कई उपहार औने-पौने दाम में अपने पास रख लिए। जिनमें घड़ियों से लेकर बंदूक तक शामिल हैं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 में जरदारी ने घड़ियां और कुछ बेशकीमती चीज़ें महज़ 1 लाख 58 हज़ार रुपए देकर डकार लिए। जून 2011 में उन्होंने 12 लाख 50 हज़ार रुपए की एक घड़ी 1 लाख 80 हज़ार रुपए देकर अपने पास रख ली। जबकि, अक्टूबर 2011 में ज़रदारी ने लाख लाख की एक घड़ी और बंदूक सिर्फ 3 लाख 21 हजार रुपए जमा करके हड़प ली।

चोरी और सीनाजोरी में इमरान सबसे आगे

लूटमार के इस खेल में इमरान खान सबके गुरु निकले। उन्होंने नवाज़ शरीफ और आसिफ अली ज़रदारी को पीछे छोड़ दिया। इमरान ने ना सिर्फ कम कीमत देकर उपहार हड़पे बल्कि उसे बेच भी दिए। इमरान खान को 38 लाख रुपए की पांच कीमती कलाई घड़ियां मिली थीं। लेकिन अक्टूबर 2018 में उन्होंने सिर्फ साढ़े सात लाख रुपए देकर ये सभी घड़ियां हड़प लीं।

इमरान खान, पूर्व पीएम, पाकिस्तान

यही नहीं बाद में इमरान ने ये घड़ियां 2 करोड़ रुपए में बेच दीं। घड़ियों के अलावा कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां भी सस्ते दामों में लीं और महंगी कीमत में बेचकर मुनाफा कमाया। इमरान ने खुद कबूल किया कि उन्होंने तोशाखाना से 2 करोड़ 15 लाख रुपए की उपहार खरीदे थे। जिन्हें बेचने पर उन्हें 5 करोड़ 80 लाख रुपए मिले। यानि इमरान ने डबल मुनाफा कमाया। लेकिन, इस सबके बावजूद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान कहते रहे हैं कि वो पाक साफ हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Posts

Most Popular