Tuesday, May 26, 2026
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Iran Qatar Conflict: दुनिया के सबसे बड़े गैस फ़ील्ड पर हमला, ईरान-क़तर तनाव से तेल बाजार में हड़कंप

खाड़ी क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया, जब दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार South Pars Gas Field पर कथित हमले के बाद ईरान (Iran) ने कतर (Qatar) के प्रमुख ऊर्जा केंद्र Ras Laffan Industrial City को निशाना बनाया (Iran attack on Qatar LNG plant)। मिसाइल हमले के बाद क़तर के मुख्य एलएनजी गैस प्लांट (South Pars world largest gas field) में आग लग गई, जिससे भारी नुकसान की खबर सामने आई।

ऊर्जा ढांचे को बड़े नुकसान की खबर

क़तर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने बयान जारी कर कहा कि हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी रेस्पांस टीमों को मौके पर भेजा गया और कुछ घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन ऊर्जा ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है (Qatar energy infrastructure damage)।

कतर ने ईरान के राजनयिकों को सस्पेंड किया

हमले के बाद क़तर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के दो राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और इसे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान की “तनाव बढ़ाने वाली नीतियां” पूरे क्षेत्र को संघर्ष की ओर धकेल रही हैं और क़तर अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर फिर हमला हुआ तो खाड़ी क्षेत्र के अन्य ऊर्जा ठिकानों पर भी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी। उधर इस पूरे घटनाक्रम पर इसराइली सेना की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि United States के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें हमले की जानकारी थी, लेकिन अमेरिका इसमें शामिल नहीं था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि क़तर के एलएनजी ठिकानों पर दोबारा हमला हुआ तो अमेरिका साउथ पार्स गैस फ़ील्ड को “पूरी ताकत” से निशाना बना सकता है। ट्रंप ने लिखा कि “ऐसी स्थिति में, अमेरिका, इसराइल की मदद या सहमति के साथ या बिना उसके भी, साउथ पार्स गैस फ़ील्ड को पूरी ताक़त के साथ नष्ट कर देगा, ऐसी ताक़त के साथ जिसे ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा।”मैं इस स्तर की हिंसा और तबाही को मंजूरी नहीं देना चाहता, क्योंकि इसके ईरान के भविष्य पर लंबे समय तक असर होंगे। लेकिन अगर क़तर के एलएनजी ठिकाने पर फिर हमला होता है, तो मैं ऐसा करने में हिचकिचाऊंगा नहीं।”रास लाफ़ान में क़तर के सबसे बड़े एनर्जी प्लांट पर मिसाइल हमले के बाद इलाक़े को खाली करा लिया गया है।

तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल

तनाव का असर (Middle East war impact on oil prices) वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तीन प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई (Strait of Hormuz crisis shipping halt)। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे तो इसका असर न सिर्फ तेल और गैस की कीमतों पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और आर्थिक स्थिरता पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

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