देश भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। नौतपा की शुरुआत के साथ गर्मी का असर और विकराल हो गया है। ऐसे समय में मौसम से जुड़ी एक राहत भरी अपडेट सामने आई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज केरल तट पर दस्तक देने जा रहा है (Kerala Monsoon 2026), जो सामान्य तारीख 1 जून से पहले माना जा रहा है (Monsoon in India)। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआती एंट्री भले राहत का संकेत हो, लेकिन उत्तर भारत को अभी कुछ दिन और भीषण गर्मी झेलनी पड़ सकती है।
गर्मी का कहर जारी, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विभाग (IMD) ने मंगलवार को देश के कई हिस्सों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है (Heatwave Alert)। पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में लू का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना रहेगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है।
नौतपा ने बढ़ाई तपिश, अगले 4-5 दिन मुश्किल
नौतपा के दौरान सूर्य की तीखी किरणों के कारण उत्तर और मध्य भारत में गर्मी चरम पर पहुंच जाती है। IMD के ताजा अपडेट के अनुसार (IMD Weather Update) मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 4 से 5 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू जैसी स्थिति बनी रह सकती है। वहीं पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भी अगले 3 से 4 दिनों तक गर्म हवाओं का असर जारी रहने की संभावना है।विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की दस्तक का मतलब यह नहीं कि पूरे देश में तुरंत बारिश शुरू हो जाएगी। मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ता है और अलग-अलग राज्यों तक पहुंचने में समय लगता है।
दिल्ली, यूपी और बिहार में कब पहुंचेगा मॉनसून?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मॉनसून के दिल्ली-NCR में 27 से 30 जून के बीच पहुंचने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 15 से 25 जून के बीच मॉनसून की एंट्री हो सकती है, जबकि बिहार में 12 से 15 जून के बीच बारिश का सिलसिला शुरू होने का अनुमान है। इस बीच मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 मई को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। वहीं राजस्थान के कुछ हिस्सों में 28 और 29 मई को मौसम बदल सकता है।
मॉनसून का जल्दी दस्तक देना क्यों है अहम?
इस बार मॉनसून की सामान्य तारीख से पहले केरल पहुंचने की संभावना को कृषि और जल संकट के लिहाज से अहम माना जा रहा है। जल्दी मॉनसून आने से किसानों को राहत मिल सकती है और जलाशयों में पानी का स्तर सुधारने की उम्मीद बढ़ती है। हालांकि मौसम वैज्ञानिक साफ कर रहे हैं कि मॉनसून की शुरुआत और पूरे सीजन की बारिश, दोनों अलग बातें हैं। असली तस्वीर जून और जुलाई की बारिश के पैटर्न से साफ होगी। फिलहाल देश के बड़े हिस्से के लिए संदेश साफ है कि मॉनसून की दस्तक से राहत भले दिखाई देने लगी हो, लेकिन लू का खतरा अभी टला नहीं है। अगले कुछ दिन सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहने वाली है।


