Monday, May 25, 2026
Homeराज्य“देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं चलेगी”, CM धामी की दो टूक,...

“देवभूमि में सड़कों पर नमाज़ नहीं चलेगी”, CM धामी की दो टूक, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज़ अदा करने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में सड़कों पर नमाज़ की अनुमति नहीं दी जाएगी और आवागमन तथा कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन की भूमि है तथा यहां किसी को भी माहौल खराब करने का अधिकार नहीं है।

धामी का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के कई राज्यों में सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजनों और नमाज़ को लेकर बहस तेज है। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश सरकार भी सड़कों पर नमाज़ को लेकर सख्त रुख जाहिर कर चुकी है और सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध न करने की बात कही है।

क्या कहा मुख्यमंत्री ने?

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का पहला दायित्व आम नागरिकों की सुविधा, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है। उनके अनुसार सड़कें आवागमन के लिए होती हैं और किसी भी धार्मिक गतिविधि के कारण यदि यातायात बाधित होता है या जनजीवन प्रभावित होता है तो प्रशासन हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड की पहचान आध्यात्मिक पर्यटन, चारधाम यात्रा और धार्मिक आस्था से जुड़ी है, इसलिए शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

‘देवभूमि’ की पहचान बचाने पर जोर

धामी सरकार देवभूमि की मूल पहचान और सांस्कृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने की बात करती रही है। सीएम कई मंचों से कह चुके हैं कि सरकार किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, लेकिन राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को प्रभावित नहीं होने देंगे, ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने पहले भी कहा था कि उत्तराखंड में कट्टरपंथी सोच या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है और राज्य की धार्मिक विरासत की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

धार्मिक पर्यटन पर सरकार का फोकस

धामी सरकार उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई योजनाओं पर काम कर रही है। राज्य सरकार ने धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष परियोजनाओं और “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” जैसी अवधारणाओं पर भी काम शुरू किया है। चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ, बद्रीनाथ और अन्य धार्मिक स्थलों पर हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Posts

Most Popular