नई दिल्ली। NEET पेपर लीक (NEET Paper Leak) मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी पड़ताल तेज कर दी है (CBI Investigation)। सूत्रों के मुताबिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उससे जुड़ा कथित “क्वेश्चन बैंक” देश के कम से कम पांच राज्यों में बेचा गया था (Question Bank Leak)। शुरुआती जांच में महाराष्ट्र को इस पूरे नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र बताया जा रहा है, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है (NEET Scam 2026)।

सूत्रों के अनुसार, CBI को कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल प्लेटफॉर्म से ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो प्रश्नपत्र की खरीद-फरोख्त और उसके प्रसार की ओर इशारा करते हैं। जांच एजेंसी इन डिजिटल रिकॉर्ड्स (Digital Evidence), चैट्स, बैंक लेन-देन और मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
महाराष्ट्र से कई राज्यों तक पहुंचा ‘क्वेश्चन बैंक’
सूत्रों का दावा है कि कथित प्रश्न बैंक का नेटवर्क महाराष्ट्र से संचालित हुआ और वहां से राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों तक पहुंचाया गया। जांच में ऐसे बिचौलियों और संपर्क सूत्रों की पहचान की जा रही है जिन्होंने छात्रों और अभिभावकों तक परीक्षा सामग्री पहुंचाने में भूमिका निभाई (NEET Exam Fraud)।

परिजनों की भूमिका भी जांच के दायरे में
CBI को आशंका है कि कुछ मामलों में छात्रों के परिजनों ने भी कथित तौर पर परीक्षा सामग्री खरीदने या उसका इंतजाम करने में भूमिका निभाई (Exam Mafia)। इसी वजह से एजेंसी संदिग्ध अभिभावकों, रिश्तेदारों और मध्यस्थों से पूछताछ कर रही है। कई लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि कुछ संदिग्धों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग राज्यों में टीमें सक्रिय हैं।

छात्रों की संख्या पर अब भी संशय
जांच एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि कथित रूप से लीक हुए पेपर का लाभ लेने वाले छात्रों की वास्तविक संख्या कितनी है। सूत्रों के मुताबिक CBI के पास कई नाम और संदिग्ध लेन-देन की जानकारी है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने परीक्षार्थियों ने इस नेटवर्क का फायदा उठाया।
राजस्थान और महाराष्ट्र में सबसे सक्रिय नेटवर्क
जांच में अब तक महाराष्ट्र और राजस्थान में सबसे ज्यादा सक्रिय नेटवर्क मिलने की बात सामने आई है। एजेंसी इन राज्यों में मौजूद कोचिंग कनेक्शन, दलालों, परीक्षा माफिया और अन्य संदिग्धों की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है।
NTA से बाहर के किरदार भी रडार पर
सूत्रों के अनुसार, जांच केवल परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों तक सीमित नहीं है। CBI की नजर उन बाहरी व्यक्तियों और समूहों पर भी है जो कथित तौर पर प्रश्नपत्र के प्रसार और सौदेबाजी में शामिल हो सकते हैं। एजेंसी ऐसे कई किरदारों की भूमिका की जांच कर रही है जिनका सीधा संबंध NTA से नहीं है, लेकिन वे पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा हो सकते हैं।
जांच जारी, कई राज्यों में छापेमारी
CBI की कई टीमें अलग-अलग राज्यों में छापेमारी, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। एजेंसी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पेपर लीक की साजिश कहां से शुरू हुई, इसमें कौन-कौन शामिल था और इससे कितने छात्रों को अनुचित लाभ मिला।



