Tuesday, May 26, 2026
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60 साल बाद फिर ‘रौद्र संवत्सर’ की एंट्री! ज्योतिष भविष्यवाणी सुनकर उड़ जाएंगे होश

Hindu Nav varsha: चैत्र नवरात्रि (chatra navratri 2026) की शुरूआत के साथ ही हिन्दू नववर्ष (Hindu Nav Varsha 2026) की नवसंवत 2083 (Hindu New Year 2083) का आरंभ हो गया। पंचाग के अनुसार हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही नया संवत्सर यानी नए वर्ष का शुभारंभ होता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार संवत्सर 60 सालों का एक चक्र होता है। जिसका हर साल अलग नाम होता है। विद्धानों ने इस नववर्ष को रौद्र संवत्सर (Raudra Samvatsar) का नाम दिया है। रौद्र शब्द का अर्थ होता है भयंकर या डरावना, यानि कि नाम से ही समझा जा सकता है कि हिन्दू नववर्ष का असर देश-दुनिया पर हाहाकार मचाने वाला हो सकता है। indianviwer.com आपको अपने इस लेख में रौद्र संवत्सर (Raudra Samvatsar) से जुड़ी हर जानकारी देगा। इस नववर्ष (nav varsha) को लेकर ज्योतिष भविष्यवाणी क्या है और इसका देश दुनिया पर क्या असर होने वाला है।

रौद्र संवत्सर (Raudra Samvatsar ) का महत्व और प्रभाव

ज्योतिष की गणना के अनुसार रौद्र संवत्सर 60 सालों बाद फिर लौटा है यानी 1966 में भी रौद्र संवत्सर आया था। जानकारों की मानें तो साल 1966 का रौद्र संवत्सर (Nav Samvatsar significance) देश दुनिया में कई बड़े बदलाव लेकर आया था। देश की राजनीति से लेकर दुनियाभर में विश्वयुद्ध की आहट ने सबको हिला कर रख दिया था। जिसका अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर देखने को मिला था। ताशकंद समझौते के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की रहस्यमय मौत से लेकर इंदिरा गांधी का पहली बार PM की कुर्सी पर बैठना देश की राजनीति के लिए बड़ा परिवर्तन था। उसी दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच भारी तनाव की वजह से शीतयुद्ध (cold war) अपने चरम पर था। वियतनाम युद्ध और पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध भी तनावपूर्ण बने हुए थे।

रौद्र संवत्सर के लिए क्या है ज्योतिष भविष्यवाणी

इतिहास के हर पन्ने की गवाही और ज्योतिष की भविष्यवाणी इस बात पर मुहर लगाती है कि साल 2026 का नववर्ष यानी रौद्र संवत्सर अच्छे संकेत के साथ तो नहीं आया है (Raudra Samvatsar astrology prediction)। आइए जानते हैं कि आर्थिक संकट, राजनीति के बड़े बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ना, कानून से जुड़े नए नियम और शैक्षिक बदलाव का आम जन जीवन पर क्या असर होगा।

राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत

ज्योतिष से जुड़े जानकारों की माने तो ‘रौद्र संवत्सर’ राजनीति में कई बड़े उथल पुथल लेकर आया है (Raudra Samvatsar effects)। कुछ बड़े नेताओं के साथ-साथ सत्ता परिवर्तन के भी संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ़ भारत में ही नहीं दुनियाभर की राजनीति पर ‘रौद्र संवत्सर’ का प्रभाव देखने को मिलने वाला है (Hindu Nav Varsha jyotish bhavishyavani)।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI),अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा तेज होगी

ज्योतिष भविष्यवाणी की मानें तो ये साल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का साल है। इस साल लोगों के काम करने की जगह AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा (AI impact prediction 2026), जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा। अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा की बात करें तो कई देश जैसे भारत, अमेरिका, चीन, रूस और जापान के बीच अंतरिक्ष मिशन को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

विश्वयुद्ध जैसे आसार के बीच कई देशों में तनावपूर्ण स्थिति

बड़े-बड़े ज्योतिषीय संकेत ये कहते हैं कि जिन देशों के बीच तनाव और युद्ध का माहौल है, वो और अधिक बढ़ने वाला है। इतना ही भारत को भी सुरक्षा के लिहाज सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पड़ोसी देशों के साथ भारत के रिश्ते तनावपूर्ण हो सकते हैं (Global tension astrology prediction)।

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