भारतीय खाद्य उत्पाद अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहे, बल्कि दुनिया भर के उपभोक्ताओं की पसंद बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के मीठे बिस्किट (Sweet Biscuits) की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा जानकारी में बताया कि भारतीय स्वीट बिस्किट वैश्विक बाजारों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं और भारत के वैल्यू-एडेड फूड एक्सपोर्ट को नई पहचान मिल रही है (India sweet biscuit exports)।
भारत की मिठास अब सरहदों के पार
मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 344.2 हजार टन मीठे बिस्किट का निर्यात किया। यह आंकड़ा केवल निर्यात वृद्धि नहीं, बल्कि भारतीय प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का भी संकेत माना जा रहा है (Indian biscuit demand)। डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स ने विशेष रूप से अफ्रीका को भारत के लिए उभरता हुआ अहम बाजार बताया है। अफ्रीकी देशों की तेजी से बढ़ती उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाएं भारतीय खाद्य उत्पादों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं (Africa market)। विभाग का कहना है कि अफ्रीकी बाजारों में भारतीय स्वीट बिस्किट की बढ़ती मौजूदगी दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे होते व्यापारिक संबंधों और मजबूत होती आर्थिक साझेदारी को दर्शाती है।
केन्या टॉप खरीदारों में शामिल
इस निर्यात सफलता में केन्या की भूमिका भी खास बनकर सामने आई है। मंत्रालय के मुताबिक, केन्या भारत के स्वीट बिस्किट का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बन चुका है (Kenya imports Indian biscuits)। इससे साफ है कि भारतीय स्वाद और गुणवत्ता अब अफ्रीकी उपभोक्ताओं को तेजी से आकर्षित कर रही है।
देश की खाद्य प्रसंस्करण इंडस्ट्री को फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोसेस्ड और वैल्यू-एडेड फूड उत्पादों की बढ़ती मांग भारत के निर्यात ढांचे को मजबूत कर रही है। भारतीय कंपनियां अब पारंपरिक बाजारों के साथ-साथ नए और उभरते देशों में भी अपनी पहुंच बना रही हैं, जिससे देश की खाद्य प्रसंस्करण इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिल रहा है (processed food export India)।
दुनिया भर में पहचान बना रहा ‘मेड इन इंडिया’
सरकार लगातार भारतीय खाद्य उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और नए व्यापारिक रास्ते खोलने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में स्वीट बिस्किट का बढ़ता निर्यात भारत की आर्थिक मजबूती और दुनिया में बढ़ती ‘मेड इन इंडिया’ पहचान का नया उदाहरण बनकर उभरा है।



