दिल्ली में चढ़ते पारे के बीच बीजेपी (BJP) ने एक बार फिर अबकी बार 400 पार का नारा बुलंद किया। बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन (BJP national convention) के आखिरी दिन पीएम मोदी (PM Modi) ने भारत मंडपम से 2024 के महामुकाबले का बिगुल फूंका (Lok Sabha Election 2024 begins from Bharat Mandapam)। उन्होंने करीब 64 मिनट के समापन भाषण में लोकसभा चुनाव की तैयारी का ब्लू प्रिंट (Blue print of preparation for Lok Sabha elections) पार्टी नेताओं के सामने रखा। पीएम मोदी ने 370 सीटों का टारगेट दिया। उन्होंने कहा कि, ''आज विपक्ष के नेता भी NDA सरकार 400 पार के नारे लगा रहे हैं। NDA को 400 पार कराने के लिए भाजपा को 300 का माइलस्टोन पार करना ही होगा।''
370 का लक्ष्य बड़ा तो है, लेकिन मुश्किल नहीं है। पीएम मोदी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इसे हासिल करने के लिए तन मन धन से जुटने की अपील की। उन्होंने जीत का मंत्र भी दिया। उन्होंने, कार्यकर्ताओं से हर मतदाता तक पहुंचने और हर बूथ को मजबूत करने की अपील की। साथ ही उन्हें युवा और महिला वोटर्स को पार्टी से जोड़ने को कहा। इसके अलावा सरकारी योजनाओं और सरकार की उपलब्धियों की जानकारियां भी लोगों तक पहुंचाने को कहा।
बीजेपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के आखिरी दिन भाषण देते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कांग्रेस (Congress Party) पर तीखा वार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वो देश को बांट (divide the country) रही है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को अस्थिरता, परिवारवाद और तष्टिकरण की जननी बताया। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि, ''मैं बताना चाहता हूं कि हम राजनीति के लिए नहीं राष्ट्रनीति के लिए निकले हैं। हम छत्रपति शिवाजी को मानने वाले लोग हैं। जब छत्रपति शिवाजी का राज्याभिषेक हुआ तो वो कभी चुप नहीं बैठे। प्रजा के कल्याण के लिए काम किया है। मैं सुख वैभव लेकर जीने वाला लोग नहीं हूं। मैं सुख भोगने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता। मैं राष्ट्र का संकल्प लेकर निकला हूं।''
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ''पहले पूर्वोत्तर भारत को ज्यादा प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। वहां पर सीटें कम हैं, इसलिए उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन, हम लोग वोट और सीटों के हिसाब से काम नहीं करते। हम लोगों के कल्याण के लिए काम करते हैं। चाहे हमारे देश का कोई भी कोना हो, वहां के लोगों का कल्याण होना चाहिए। जो गांव कभी देश के आखिरी गांव कहे जाते थे। अब वही गांव देश के पहले गांव हो चुके हैं। पहली बार नगालैंड से कोई महिला सांसद बनी है। हमें गर्व है कि हम बीजेपी की ऐसी संस्कृति का हिस्सा हैं जहां पर कैबिनेट के सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग हैं।''



