Iran and the Israeli-American War: पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। लेकिन, अब दोनों की कीमतों में तेज़ी की संभावना जताई जा रही है। अगले हफ्ते दोनों कीमती धातुओं की चमक बढ़ सकती है। वजह है ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला। इस जंग से सेफ हैवेन के तौर पर सोने-चांदी की मांग बढ़ जाएगी। शुक्रवार को घरेलू बुलियन मार्केट नरम नोट पर बंद हुए थे। MCX अप्रैल गोल्ड फ्यूचर्स 133 रुपए की गिरावट के साथ 1, 61, 971 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। MCX मई सिल्वर फ्यूचर्स 654 रुपए की नरमी के साथ 2,81,990 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

कैसे बढ़ सकती हैं सोने की कीमतें?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि, सोमवार को जब भारतीय बाजार फिर से खुलेंगे तो सोना-चांदी के लिए गैप-अप ओपनिंग होगी। बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेफ हैवेन डिमांड की वजह से इनकी कीमतें बढ़ेंगी। जैसे-जैसे युद्ध तेज़ होता जाएगा निवेशक बाजार से पैसा निकालकर सोने में लगाना शुरु कर देंगे। अनिश्चितता के माहौल में सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है। गौरतलब है कि, 2026 की शुरुआत में सोने की कीमतों ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। ऐसे में अगर तनाव ऐसे ही बरकरार रहा तो बहुत मुमकिन है कि घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत 2 लाख रुपए तक पहुंच जाए।

चांदी के रेट में क्यों आएगा उछाल?
सिर्फ सोना ही नहीं, युद्ध की स्थिति चांदी भी निवेश के लिए सुरक्षित धातु बन जाता है। चांदी में लोग निवेश करने लगते हैं कि ताकि भविष्य की विकट परिस्थिति में पूरा लाभ उठाया जा सके। युद्ध की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित हो जाती है, जिससे चांदी की कीमतें एक बार फिर आसमान छू सकती हैं। शुक्रवार को चांदी की कीमतों में 16 हजार रुपए प्रति किलोग्राम की तेज़ी दर्ज की गई थी।



