नेता विपक्ष राहुल गांधी पर हिमाचल प्रदेश की मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत से बड़ा आरोप लगाया है (Kangana Ranaut statement on Rahul Gandhi)। कंगना ने उनकी बॉडी लैंग्वेज (Rahul Gandhi body language remark) को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कंगना रनौत ने कहा कि..

कोई इंटरव्यू दे रहा होता है तो उनको वो एक तरह से हूटिंग कॉल करते हैं….आ जा..आ जा…
मैं आपको बता रही हूं कि वो जिस तरह का बर्ताव करते हैं, वो बहुत ही अनकंफर्टेबल होता है
हम महिलाओं को उनको देखकर बहुत ज्यादा अनकंफर्टेबल भी फील होता है
एकदम टपोरी की तरह वो आते हैं..और किसी को भी तू-तड़ाक करते हैं..
उन्होंने कहा कि, उनका आचरण और बर्ताव अच्छा है। लेकिन राहुल गांधी का शर्मनाक। सवाल ये है कि, राहुल गांधी को लेकर कंगना रनौत का इतना आक्रामक बयान क्यों आया? उन्होंने नेता विपक्ष के लिए टपोरी जैसे शब्द का इस्तेमाल क्यों किया? दरअसल, इसके पीछे है राहुल गांधी की वो टी-पार्टी जो उन्होंने संसद के मकर द्वार पर की थी (Rahul Gandhi controversy)। LPG सिलेंडर की किल्लत को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन (LPG cylinder protest opposition) के दौरान राहुल गांधी संसद के मकर द्वार पर विपक्षी सांसदों के साथ चाय और बिस्किट खाते, हंसते-बतियाते नजर आए थे (Parliament tea party protest India)। जिसपर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने भी विरोध जताते हुए इसे देश को अपमानित करने वाला कृत्य करार दिया था।
संसद के मुख्य गेट पर चाय-बिस्किट खाने के मामले में राहुल गांधी को ना सिर्फ बीजेपी बल्कि सैन्य और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अनुचित बताया (Parliamentary decorum controversy)। 200 से ज्यादा रिटायर्ड अधिकारियों, पूर्व सैन्य अफसरों, राजनयिकों और वकीलों ने राहुल गांधी पर संसदीय मर्यादा के उल्लंघन का आरोप लगाया है। 204 हस्ताक्षरकर्ताओं ने इसके लिए राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा है। इनका कहना है कि ये बर्ताव देश की सबसे बड़ी विधायी संस्था के सदस्यों के लिए अशोभनीय है
हस्ताक्षरकार्ताओं ने क्या टिप्पणियां की?
- ‘संसदीय सीढ़ियां तमाशे या राजनीतिक नाटक का मंच नहीं हैं’
- ‘यह अहंकार और विशेषाधिकार की भावना दिखाता है’
- ‘इस हरकत से जानबूझकर स्पीकर की अवहेलना होती है
- ‘संसदीय अधिकार के प्रति उपेक्षा की भावना जाहिर होती है’
- ‘अपने बर्ताव के लिए देश से माफी मांगें राहुल गांधी।’



