Tuesday, May 26, 2026
Homeविदेशमिडिल-ईस्ट संकट के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, डॉलर छोड़ रुपए पर दांव,...

मिडिल-ईस्ट संकट के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, डॉलर छोड़ रुपए पर दांव, जानिए तेल से कैसे बदलेगा वैश्विक खेल?

India buying oil in rupees: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय तेल रिफाइनरियों ने अब कच्चे तेल की खरीदारी के लिए अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करते हुए (De-dollarization strategy India) रुपये में भुगतान करना शुरू कर दिया है (India buying oil in rupees)। बताया जा रहा है कि खास तौर पर रूस से आयात होने वाले तेल के लिए यह नई भुगतान व्यवस्था अपनाई जा रही है (India Russia oil deal)। इस प्रक्रिया में भारतीय रुपये को विदेशी विशेष खातों में जमा किया जाता है और बाद में इसे दिरहम या युआन जैसी अन्य मुद्राओं में बदला जाता है।

ईरान ने पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिका के सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर हमला करके अमेरिका को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। एक तरफ जहां, उसके सैन्य और ऊर्जा ठिकाने तहस-नहस हुए। दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान की दबंगई के आगे डॉलर घुटने टेकता नजर आ रहा है। ईरान अभी भी इजरायल और अमेरिका के सहयोगी देशों को दुश्मन मानते हुए एक भी जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से (Strait of Hormuz tension) गुजरने नहीं दे रहा है। जबकि भारत, चीन और रूस जैसे देशों को अपना मित्र बताते हुए उनके जहाजों को आने-जाने की इजाजत दी है। इस सबके बीच भारत का रुपए वाला मास्टर स्ट्रोक देखकर पूरा दुनिया दंग है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार मिडिल-ईस्ट की परिस्थितियों के मद्देनजर भारत ने डॉलर की बजाय रुपये में खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे पूरी दुनिया को चौंका दिया है।

मिडिल-ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव तथा Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर असर से वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बना हुआ है (Middle East crisis oil supply)। ऐसे समय में भारत का यह कदम ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और डॉलर आधारित व्यापार प्रणाली पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लंबे समय तक रुपये में तेल खरीद जारी रहती है तो इससे भारतीय मुद्रा को मजबूती मिल सकती है (Rupee vs Dollar trade) और वैश्विक व्यापार में भारत की आर्थिक स्थिति और प्रभाव भी बढ़ सकता है (Indian energy security)।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Related Posts

Most Popular