दिल्ली विधानसभा में उस वक्त भारी राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ, जब PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोलते हुए उनके आधिकारिक आवास के नवीनीकरण (Arvind Kejriwal house renovation) को लेकर CAG रिपोर्ट का हवाला दिया। मंत्री ने सदन में आरोप लगाया कि साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान भी केजरीवाल के आवास पर भव्य निर्माण कार्य जारी रहा (Delhi CM residence luxury row), जिसमें शुरुआती 7.5 करोड़ रुपये के टेंडर को बढ़ाकर 55 करोड़ रुपये कर दिया गया और कुल खर्च 58 करोड़ रुपये तक पहुंच गया (Kejriwal bungalow cost controversy)।

मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल की तुलना धुरंधर फिल्म के रहमान डकैत से की और तत्कालीन दिल्ली सरकार को जनता के लिए आपदा बताया (AAP government controversy)। इतना ही नहीं प्रवेश वर्मा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसका उन्होंने शीर्षक दिया-दिल्ली के ‘डकैत’ की कहानी… भरोसे का चेहरा लेकर आया, और खजाना अपने सपनों के शीशमहल में लगा गया (Sheeshmahal controversy)।
डेढ़ एकड़ में फैला, राजस्थान के पत्थर इस्तेमाल किए गए, महल की तरह बनाया गया । ताली बजाते ही कमरे का दरवाजा खुल जाता है। सोफा शायद गाय की चमड़ी से बना है । चारों तरफ गोल्ड प्लेटेड शैंडलर लगे हैं। शीशमहल के अंदर लिफ्ट भी लगी है। छत पूरी शीशे की है, शायद इसीलिए इसको शीशमहल कहते हैं। किचन में मेड इन बेल्जियम कप रखे हुए हैं। 14 चेयर और टेबल वाला डायनिंग रूम, जबकि केजरीवाल के परिवार में सिर्फ 6 लोग थे। डायनिंग रूम में रिक्लाइनर भी लगा है। बेडरूम जयपुर के महलों की तरह है, ऑटोमैटिक पर्दे लगे हुए हैं, रिमोट से ऑपरेट होते हैं, 65 इंच का टीवी लगा है, वियतनाम का मार्बल लगा है
2 लाख रुपए की एक टॉयलेट सीट है। बाथरूम में एसी और ड्रेसिंग रूम में एसी लगा है। पूरे घर में लाइट चेंज करने के लिए रिमोट है, उससे लाइट चेंज हो जाती है
दूसरे बेडरूम में 4 लाख का बेड और 34 लाख का सोफा लगा है, इसमें भी वियतनाम का मार्बल लगा है। सीढ़ियों पर गोल्ड प्लेटेड रेलिंग लगी है। सिल्क का कार्पेट – 49 लाख 94 हजार का है दूसरे ड्राइंग रूम में यही लगा है। घर में एक मसाज चेयर भी लगा है। ये रहा 30 लाख का स्पीकर और वूफर। किचन में दो लिफ्ट लगी है। 6 लोगों के परिवार में दो किचन बनाए गए। केजरीवाल जहां वीडियो बनाते थे वो सबसे सिंपल कमरा है, वहां की कुर्सी पर लगे कपड़े भी फटे हुए हैं। पूरे घर में 50 एसी लगे हैं। 28 पेड़ काट के शीशमहल बना। छत पर भी वियतनाम के टाइल्स लगे है।

मंत्री प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि केंद्र द्वारा कोविड-19 से निपटने के लिए दिए गए 787.91 करोड़ रुपये का उपयोग नहीं किया गया (CM house renovation expenses), जबकि महामारी के दौरान आम लोग बेहद परेशान थे। इस हमले के बाद सदन में तीखी बहस छिड़ गई। भाजपा विधायकों ने लग्जरी फर्नीचर, महंगे झूमर और अन्य वस्तुओं की सूची दिखाई (Government spending controversy India)। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।



