मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में बड़ा हादसा हो गया (Bargi Dam accident) , जहां पर्यटकों से भरा एक क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों के बीच पलट गया (Jabalpur cruise accident)। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
येलो अलर्ट के बावजूद जारी रहा क्रूज संचालन
इस हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग ने पहले ही जबलपुर और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद नर्मदा नदी के बैकवाटर क्षेत्र में क्रूज संचालन बंद नहीं किया गया (Bargi Dam cruise tragedy)।
हादसे के वक्त करीब 30 लोग थे सवार
जानकारी के मुताबिक हादसे के समय क्रूज पर करीब 30 लोग सवार थे। जब क्रूज नदी के गहरे हिस्से में पहुंचा, तभी अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। ऊंची लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटकर पानी में समा गया।
15 लोगों को बचाया गया, SDRF जुटी
हादसे के बाद स्थानीय नाविकों, पुलिस और प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, 6 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि लापता लोगों की तलाश SDRF, गोताखोरों और बचाव दल की मदद से जारी है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए निर्देश
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए दुख जताया और प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। मगर बड़ा सवाल ये है कि मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद क्रूज संचालन क्यों जारी रखा गया।


