ईरान के विदेश मंत्री अराघची से भारती के विदेश मंत्री एस जयशंकर की तीन बार फोन पर बातचीत हुई। एस जयशंकर भारत में ईरान के राजदूत से भी मिले। खबरें आईं की बैकडोर डिप्लोमेसी के जरिए भारत लगातार ईरान के साथ संपर्क में है। दरअसल, ये सारी कवायद संभावित तेल संकट से बचने के लिए चल रही थी। अच्छी खबर ये है कि ये कोशिशें रंग लाती नजर आ रही हैं। ईरान ने भारतीय जहाजों और तेल टैकरों के लिए हॉर्मुज स्ट्रेट खोल दिया है। इस समुद्री रास्ते से भारत के दो टैंकर पुष्पक और परिमल सुरक्षित गुजर चुके हैं। दूसरी तरफ अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए रोक पहले की तरह जारी है।
कैसे जयशंकर की कूटनीति ने किया कमाल?
मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरान समकक्ष से तीन बार फोन पर बात की थी। उन्होंने भारत की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया था। इसके अलावा एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट संकट को ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर बताया था। एस जयशंकर भारत स्थित ईरानी दूतावास भी गए थे जहां उसके सर्वोच्च लीडर अली खामेनेई के लिए शोक सभा रखी गई थी। इस दौरान विदेश मंत्री की भारत में ईरानी राजदूत से भी मुलाकात हुई थी। दोनों की काफी देर से बातचीत की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इसके अलावा ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह से भी उनकी मुलाकात हुई जो रायसीना डायलॉग्स में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए थे। उस वक्त से ही कयास लगाए जा रहे थे भारत के खिलाफ जाकर ईरान कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा जिससे दोनों देशों के संबंध खराब हों।
किन देशों पर प्रतिबंध और भारत समेत किन्हें छूट?
वेस्ट एशिया से गैस और कच्चा तेल लाने के लिए हॉर्मुज स्ट्रेट सबसे अहम समुद्री मार्ग है। भारत की 50 प्रतिशत से अधिक तेल आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। लेकिन, इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस मार्ग पर सख्त पहरा लगा दिया। सैकड़ों की संख्या में ऑयल टैंकर और मालवाहक जहाज इस रूट पर फंस गए। हालांकि, IRGC ने पहले ही ये संकेत दे दिया था कि हॉर्मुज स्ट्रेट भारत के लिए बंद नहीं है। ये सिर्फ इजरायल, अमेरिका और यूरोपीय देशों के लिए बंद है। ईरान पर पहले के बाद से हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले मालवाहक जहाजों के परिचालन में 90 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। ईरानी जहाजों और पाबंदी से बचने वाले टैंकरों को ही इस मार्ग से गुजरने दिया जा रहा था। चीन, रूस, मेडागास्कर और ग्रीस के बाद भारत ही ऐसा देश है जिसके जहाजों को हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर जाने की इजाजत दी गई है।



