Russia questions America over Middle East tensions: मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण तनाव पर रूस ने चिंता जाहिर की है। रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि मौजूदा हालात में ये समझना बेहद जरूरी हो गया है कि दुनिया किस दिशा की ओर जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि अमेरिका को साफ-साफ अपनी योजना और इरादों को लेकर खुलकर बताना चाहिए। साथ ही ये भी बताना चाहिए कि वर्तमान घटनाएं पहले से तय अंतर्राष्ट्रीय नियमों से कैसे जुड़ी हैं।
“इन हालातों में एक बड़ी बैठक की जरूरत”
लावरोद ने ये भी कहा कि रूस से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की एक शिखर बैठक बुलाने का प्रस्ताव दिया था, जो कि कोविड से पहले का था। उस प्रस्ताव पर विचार करने का समय आ गया है। दुनिया को समझने के लिए एक बड़ी बैठक की जरूरत है। बता दें कि रूस ने मिडिल ईस्ट के इस तनाव पर चिंता जाहिर करते हुए शांति की अपील की है। रूस ने तत्काल युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
रूस को लेकर अमेरिका का मिली ‘सीक्रेट’ जानकारी
एक तरफ रूस अमेरिका पर ईरान को फंसाने का आरोप लगा रहा है, तो उधर, अमेरिका का दावा है कि उसे सीक्रेट जानकारी मिली है कि रूस ईरान को ऐसी टारगेटिंग जानकारी दे रहा है कि जिससे अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं। वॉशिंगटन ने मॉस्को को साफ मैसेज भेजा है कि वो तेहरान की मदद से खुद को दूर रखे। हालांकि मिडिल ईस्ट की जंग में रूस ईरान के समर्थन में तो बोल रहा है, मगर सीधे तौर पर युद्ध में भागीदार नहीं बना है, मगर ये सीक्रेट कि रूस ईरान की मदद खुफिया तरीके से कर रहा है, इस जानकारी ने अमेरिका को परेशान कर दिया है।



