देश में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों ने नौकरीपेशा लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसी का असर अब कर्मचारियों की वेतन अपेक्षाओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है। एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक भारत में केवल 29 प्रतिशत कर्मचारी (Indian employees) ही अपनी मौजूदा सैलरी से संतुष्ट हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग आने वाले 12 महीनों में वेतन बढ़ाने की मांग करने की तैयारी में हैं (salary hike India)।
एक तरफ नौकरी का डर, तो महंगाई की भी चिंता
एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स (ACCA) की सर्वे रिपोर्ट बताती है कि भारत में बढ़ती जीवन-यापन लागत कर्मचारियों की सबसे बड़ी परेशानियों में शामिल हो गई है (employee salary survey)। तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण नौकरियां प्रभावित होने की चिंता के बाद महंगाई दूसरा सबसे बड़ा कार्यस्थल संबंधी डर बनकर उभरी है।
नौकरियों में वेतन बढ़ाने की मांग पकड़ेगी जोर
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 81 प्रतिशत कर्मचारी अगले एक साल के भीतर अपने नियोक्ता से सैलरी बढ़ाने की मांग करेंगे (pay raise demand)। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है (cost of living crisis)। 2025 में यह संख्या 67 प्रतिशत थी, जबकि वैश्विक औसत 62 प्रतिशत है। इससे साफ है कि भारतीय कर्मचारियों में वेतन बढ़ोतरी की मांग दुनिया के कई देशों की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ रही है (salary increase 2026)।
71% लोग अपनी सैलरी से नहीं हैं संतुष्ठ
सर्वे में यह भी सामने आया कि भारतीय कर्मचारियों की वेतन संतुष्टि वैश्विक औसत से कम है। जहां दुनिया भर में औसतन 36 प्रतिशत कर्मचारी अपनी आय से संतुष्ट हैं, वहीं भारत में यह आंकड़ा केवल 29 प्रतिशत है। बढ़ती महंगाई (inflation impact), घर का खर्च, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों ने परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है (salary dissatisfaction)।
मिडिल एज के लोग सबसे ज्यादा बेचैन
उम्र के हिसाब से देखें तो वेतन बढ़ोतरी की सबसे ज्यादा मांग Millennials यानी मध्यम आयु वर्ग के पेशेवरों में दिखाई दी। इस वर्ग के 90 प्रतिशत कर्मचारी अगले वर्ष वेतन बढ़ाने की मांग करने की योजना बना रहे हैं। वहीं Gen Z के 77 प्रतिशत और Gen X के 75 प्रतिशत कर्मचारी भी सैलरी बढ़ोतरी चाहते हैं (job market India)।
Gen X कर्मचारियों की अपेक्षाएं सबसे ज्यादा
भारतीय कर्मचारियों की उम्मीदें सिर्फ वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बड़ी बढ़ोतरी की अपेक्षा भी रखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 68 प्रतिशत भारतीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी सैलरी में 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी होगी, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा केवल 37 प्रतिशत है। खास बात यह है कि Gen X कर्मचारियों की अपेक्षाएं सबसे ज्यादा हैं, जिनमें 76 प्रतिशत लोग 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।
संतोषजनक काम को भी महत्व दे रहे कर्मचारी
रिपोर्ट बताती है कि वेतन आज भी कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है, खासकर युवा पेशेवरों के लिए जो ज्यादा टेक-होम सैलरी चाहते हैं। हालांकि, करियर के मध्य चरण में पहुंच चुके कर्मचारी अब सिर्फ पैसे ही नहीं, बल्कि सार्थक और संतोषजनक काम को भी बराबर महत्व देने लगे हैं।
कर्मचारी और कंपनियों के बीच संतुलन बड़ी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए नई चुनौती बन सकता है। एक तरफ कर्मचारियों की बढ़ती वेतन अपेक्षाएं हैं, तो दूसरी तरफ कंपनियों को लाभ, खर्च और प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने के बीच संतुलन साधना होगा। आने वाले समय में वेतन और रोजगार नीति दोनों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।


