अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने के लिए 7 देशों से मदद मांगी है। ट्रंप ने यहां युद्धपोत भेजने की गुजारिश की, मगर ट्रंप की ये योजना खतरे में पड़ती नजर आ रही है। क्योंकि वाशिंगटन के सहयोगी देशों ने ट्रंप के आह्वान पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

दरअसल ट्रंप ने चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया का नाम लेकर जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने की गुजारिश की थी, कहा था कि मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे आगे आएं, ये आपका अपना इलाका है। अच्छा होगा अगर दूसरे देश भी हमारे साथ इसकी निगरानी करें। हम उनकी मदद करेंगे और उनके साथ काम करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति अन्य देशों को अपने साथ जोड़कर ईरान पर दवाब बनाने की कोशिश में थे। मगर इन सभी देशों ने ट्रंप की कोशिशों पर पानी फेर दिया।
किस देश ने क्या कहा?
जापान: सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) ने कहा कि जापान की फिलहाल मध्य पूर्व में जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसैनिक पोत भेजने की कोई योजना नहीं है। ताकाइची ने संसद को बताया कि
“हमने सुरक्षा पोत भेजने के बारे में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानूनी ढांचे के भीतर क्या किया जा सकता है।”
ऑस्ट्रेलिया: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की सरकार में मंत्री कैथरीन किंग ने सरकारी चैनल ABC को बताया कि ऑस्ट्रेलिया होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने में सहायता के लिए नौसैनिक पोत नहीं भेजेगा। उन्होंने कहा कि
“हम होर्मुज स्ट्रेट में कोई पोत नहीं भेजेंगे। हम जानते हैं कि यह कितना महत्वपूर्ण है, लेकिन हम इसमें कोई योगदान नहीं दे रहे हैं।”
दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक कोई भी फैसला वाशिंगटन के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा। कार्यालय ने कहा,
“हम इस मामले पर अमेरिका के साथ घनिष्ठ रूप से संवाद करेंगे और सावधानीपूर्वक समीक्षा के बाद ही फैसला लेंगे।”
फ्रांस: फ्रांस ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया तो नहीं दी, मगर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने पहले संघर्ष के स्थिर होने की स्थिति में ही फ्रांसीसी नौसेना द्वारा जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही थी। मैक्रॉन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि
“उन्होंने अपने ईरानी समकक्ष मसूद पेज़ेश्कियन से बात की थी और उनसे कहा था कि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए और इसे जहाजों के लिए फिर से खोलना चाहिए”।
ब्रिटेन: डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने ट्रंप से इस मुद्दे पर चर्चा की है। प्रवक्ता ने ये भी बताया कि
“स्टारमर ने अपने कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी से भी बात की और दोनों सोमवार को बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं”।
चीन: चीन ने डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उसने पहले शत्रुता समाप्त करने की बात कही है। बीजिंग ईरानी के का सबसे बड़ा खरीदार है।



