इस साल महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। यूं तो भोले के भक्तों के लिए हर शिवरात्रि खास होती है, मगर इस बार ज्योतिषीय दृष्टि ये ये शिवरात्रि बेहद अद्भुत भी है। ग्रह नक्षत्र इस बार ऐसा गठजोड़ बना रहे हैं कि 300 साल बाद एक चमत्कारी संयोग बन रहा है। इस बार महाशिवरात्रि पर 12 शुभयोग और 4 राजयोग बन रहे हैं, ऐसे में भोलेनाथ के भक्त ऐसी संयोगिनी शिवरात्रि के साक्षी बनने के लिए खासे उत्साहित हैं।

इस उत्साह के बीच भोले के भक्तों को कुछ विशेष चीजों का भी ध्यान रखना होगा। भोलेनाथ का अभिषेक करते दौरान कुछ विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करना होगा। दरअसल भक्त अनजाने में भोलेनाथ के अभिषेक के दौरान ऐसी चीजें अर्पित कर देते हैं, जिन्हें शास्त्रों में वर्जित माना गया है। आपको बताते हैं कि वो कौन सी चीजें हैं जो शिवलिंग पर बिल्कुल भी नहीं चढ़ाए जाती हैं।

शिवलिंग पर क्या न चढ़ाएं?
सूखे हुए, टूटे हुए और काले धब्बों वाले बेलपत्र भोलेनाथ को कभी न चढ़ाएं, क्योंकि इन्हें खंडित माना जाता हैं। इसके अलावा केतकी का फूल भी शिवजी की पूजा में अर्पित नहीं किया जाता। इस फूल को श्रापित फूल कहा जाता है। मान्यता है कि इस पुष्प को चढ़ाने से भोलेनाथ रुष्ठ हो जाते हैं। तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते। दरअसल ये एक श्राप की वजह से है। भगवान शिव ने जिस असुर जालंधर का वध किया था, उसकी पत्नी ने ही बाद में तुलसी के रूप में जन्म लिया था। इसके अलावा रोली जिसे सामान्य भाषा में सिंदूर या पिठाई भी कहते हैं, उसे भी शिवलिंग पर अर्पित नहीं किया जाता है।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?
महाशिवरात्रि पर पंचामृत से भोलेनाथ का अभिषेक किया जाए, तो इससे ज्यादा शुभ कुछ नहीं होता। पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से भोलेनाथ का अभिषेक किया जाता है। इससे भोलेनाथ का आर्शीवाद मिलता है और जीवन में परम सुख प्राप्त होता है। इसके अलावा शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना भी बेदह शुभ माना जाता है। गंगाजल के बाद बेलपत्र चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। साथ भी भस्म और धतूरा भी भोलेनाथ को प्रिय हैं।
शिवरात्रि पर बनेंगे 12 शुभयोग और 4 राजयोग
ये था भोलेनाथ की पूजा का विधान, अब आप महाशिवरात्रि पर बनने वाले खास 12 शुभयोग और 4 राजयोगों के बारे में भी जान लीजिए। इस पर शिवरात्रि पर पहला राजयोग बन रहा है बुध-आदित्य राजयोग, दूसरा है लक्ष्मी-नारायण राजयोग, तीसरा है शुक्र-आदित्य राजयोग और चौथा बन रहा है चर्तुग्रही राजयोग।
महाशिवरात्रि पर बनने वाले 12 शुभयोग
महाशिवरात्रि पर 4 राजयोगों के अलावा एक साथ 12 शुभयोग भी बन रहे हैं। आयुष्मान योग , प्रीति योग, साध्य योग, सौभाग्य योग, शुक्ल योग, शिवयोग, शोभन योग, सर्वार्थसिद्धि योग, त्रिग्रही योग, चंद्र-मंगल योग राज और ध्रुव योग का एक साथ निर्माण हो रहा है।



