जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता निशु आजाद (Nishu Azad) के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। इस मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की ओर से केंद्र सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने कांग्रेस और CJP दोनों को आड़े हाथों लिया है। मुख्तार अब्बास नकवी ने तंज कसते हुए कहा कि देश में इन दिनों ‘काल्पनिक क्रांतिकारी’ बनने की एक अजीब प्रतियोगिता चल रही है, जिसमें कांग्रेस पार्टी और कॉकरोच पार्टी दोनों एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं।
“आप रिपोर्ट के मुंशी बनकर क्या कमाल करना चाहते हैं?”
CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के समर्थन में कांग्रेस की लीगल टीम के एक्टिव होने और राहुल गांधी के बयानों पर हमला बोलते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “काल्पनिक क्रांतिकारी बनने की जो प्रतियोगिता है, उसमें कांग्रेस पार्टी और कॉकरोच पार्टी दोनों लगे हुए हैं कि कौन सबसे बड़ा काल्पनिक क्रांतिकारी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह काम कानून को करना है। आप कहेंगे कि हम रिपोर्ट लिखवाने आए हैं… आप रिपोर्ट के मुंशी बनकर किस तरह का कमाल-धमाल करना चाहते हैं? शुद्ध रूप से आप देश में ‘काल्पनिक कंफ्यूजन’ पैदा करने की एक आपराधिक अवधारणा के साथ काम कर रहे हैं।”
क्या है निशु आजाद और स्वतंत्र भारद्वाज का पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) और CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के बीच जंतर-मंतर पर हुई मारपीट से जुड़ा है। जून 2026 में जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन के दौरान वीडियो बनाने को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज और निशु आजाद के पिता संजय कुमार के बीच झड़प हो गई थी। आरोप है कि इस दौरान संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। हाल ही में सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज की एक पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हमले की बात कबूल की और दावा किया कि राजनीतिक रसूख के कारण उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वीडियो के सामने आने के बाद निशु आजाद ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी से न्याय की गुहार लगाई।
राहुल गांधी के स्टैंड के बाद गरमाई सियासत
छात्रा निशु आजाद की अपील के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीड़िता को पूरा साथ देने का भरोसा दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि अपराधियों को संरक्षण क्यों मिल रहा है? राहुल गांधी के इस दखल के बाद कांग्रेस की लीगल टीम भी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची और एफआईआर में सख्त धाराएं (जैसे SC-ST एक्ट और हेट स्पीच) जोड़ने की मांग की। विपक्ष के इसी आक्रामक रुख पर अब बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे ‘काल्पनिक क्रांति’ और ‘कमाल-धमाल’ की राजनीति करार दिया है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने ‘काल्पनिक क्रांतिकारी’ किसे और क्यों कहा?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस पार्टी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को ‘काल्पनिक क्रांतिकारी’ कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दल निशु आजाद मामले का राजनीतिकरण करके देश में सिर्फ भ्रम (काल्पनिक कंफ्यूजन) पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
निशु आजाद का मामला (Nishu Azad Case) क्या है?
यह मामला जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। आरोप है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज और उनके साथियों ने संजय कुमार के साथ मारपीट की थी, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।
यह विवाद हाल ही में दोबारा चर्चा में क्यों आया?
हाल ही में सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हमले की बात स्वीकार की। इस वीडियो के सामने आने के बाद निशु आजाद ने न्याय के लिए सोशल मीडिया पर गुहार लगाई, जिसके बाद यह मामला फिर से गरमा गया।
इस मामले पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का क्या स्टैंड है?
राहुल गांधी ने निशु आजाद को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए कि वीडियो सबूत होने के बावजूद दोषियों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
कांग्रेस की लीगल टीम इस मामले में क्या मांग कर रही है?
राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद कांग्रेस की लीगल सेल दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंची थी। कांग्रेस टीम की मांग है कि मामले की एफआईआर में SC-ST एक्ट और हेट स्पीच (नफरती भाषण) जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।



