अकबर इलाहाबादी ने कहा है कि… हम ऐसी किताबें क़ाबिल-ए-ज़ब्ती समझते हैं, कि जिन को पढ़ के लड़के बाप को ख़ब्ती समझते हैं। भारत से मिली हार की खीज मिटाने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मिले, उन्हें पहले तो थैक्यू कहा, फिर ये जताने की कोशिश की, कि उनका मुल्क तो भारत से मैच खेलना ही नहीं चाहता था, श्रीलंका की वजह से मैच खेला। मतलब ये कि, श्रीलंका ना कहता तो पाकिस्तान ना खेलता, और ना ही उसे जलालत का सामना करना पड़ता। लेकिन, ज़लील होना तो पाकिस्तान के मुकद्दर में लिखा है। पाकिस्तान की हॉकी टीम को ही ले लीजिए। मौका था FIH PRO LEAGUE का, हरी जर्सी वाली टीम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी। लेकिन, ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तान की हॉकी टीम को रुसवा होना पड़ा। पाकिस्तान की टीम को अपमानित होना पड़ा।

इसका खुलासा खुद पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अहमद बट ने किया। टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर जैसे ही पाकिस्तान की टीम लाहौर एटरपोर्ट पर उतरी, शकील अहमद बट का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन को आड़े हाथों लिया, और अपमानित होने का वो किस्सा बताया जिसे सुनकर दुनियाभर के हॉकी फैंस सकते में आ गए। शकील अहमद बट ने बताया कि..

“मैच खेलने से पहले उनके खिलाड़ियों को बर्तन मांजने पड़े, कई घंटों तक सड़क पर भटकना पड़ा”। शकील अहमद बट ने बताया कि, ”ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद टीम को पहले सिडनी एयरपोर्ट पर करीब 14 घंटे इंतजार करना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तान हॉकी टीम जब होटल पहुंची तो पता चला कि, बुकिंग ही नहीं की गई थी। खिलाड़ियों को बताया गया की पैसे नहीं दिए गए तो बुकिंग नहीं की गई। इसकी वजह से टीम को कई घंटों तक इधर-उधर भटकना पड़ा। उन्होंने ये भी खुलासा किया, कि AIRBNB से सिर्फ 10 दिनों के लिए होटल बुकिंग की गई, जबकि दौरा 13 दिनों का था। उन्होंने कहा, जब टीम प्रबंधन ऐसा काम करेगी तो हारना स्वाभाविक है”। आपको बता दें कि, पाकिस्तानी हॉकी टीम को ना सिर्फ ऑस्ट्रेलिया बल्कि जर्मनी के हाथों भी हार का सामना करना पड़ा। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि, पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ना तो अच्छा कोच दे रहा है, और ना ही खिलाड़ियों को सुविधाएं। गौरतलब है कि पाकिस्तान हॉकी आर्थिक बदहाली के दौर से गुजर रही है। हॉकी फेडरेशन के पास पैसे नहीं हैं। जिसकी वजह से अच्छे कोच बहाल नहीं किए जा रहे।



