Uttarakhand: कभी मजार बनाकर कब्जे की कोशिश, कभी लव जिहाद, तो कभी नेताओं की मुस्लिमों के लिए अलग यूनिवर्सिटी बनाने की हुंकार। इन सब बातों ने ये आईना जरूर दिखाया कि पहाड़ में मुस्लिमों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि लोग इस भ्रम में थे कि ये तस्वीरें मैदानी इलाकों तक ही सिमटी हुई है। मगर एक वीडियो ने ऐसा सच दिखा दिया, कि सारी भ्रांतियां काफूर हो गई। बद्रीनाथ धाम के एकदम करीब आदिगुरु की तपस्थली जोशीमठ में ऐसा सच सामने आया है, जिसने पहाड़वासियों का सिर चकरा दिया है। यहां एक सरकारी भवन में इतने नमाजी इकट्ठा हो गए, कि सवाल उठने लगा कि जोशीमठ में इतने नमाजी कहां से आए?
इन लोगों ने नगर पालिका के निर्माणाधीन भवन के टीटी हॉल में नमाज पढ़ी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में नमाज पढ़ने वालों की संख्या काफी ज्यादा नजर आ रही है। ऐसे में सवाल ये कि इतने मुस्लिम एक जगह पर इकट्ठा क्यों हुए ? क्या ये एक सुनियोजित प्लान था? हॉकी खिलाड़ियों के लिए बन रहे सरकारी भवन में नमाज पढ़कर क्या मैसेज देने की कोशिश हुई?

अब हिन्दू संगठनों के लोग आक्रोशित हैं, उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की है। हिन्दू संगठनों के लोग सभी के सत्यापन की मांग कर रहे हैं। उन्हें शक है कि कहीं ये लोग बाहर से आकर घुसपैठ करके तो नहीं बस गए हैं? उन्होंने कांग्रेस पार्टी और पालिका के अध्यक्ष को भी कटघरे में खड़ा किया और कहा कि इनके संरक्षण में आदिगुरु की तपस्थली जोशीमठ का वास्तविक स्वरूप बिगड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक जब साल 2000 में उत्तराखंड राज्य बना था तो मुस्लिमों की आबादी सिर्फ डेढ़ फीसदी थी। 2011 में जब जनगणना हुई तो ये आबादी करीब 14 प्रतिशत पहुंच चुकी थी। और अब वर्तमान में ये संख्या 18 फीसदी के करीब बताई जा रही है।



