ईरान ने ऐलान कर दिया है कि वो अब अपने पड़ोसी देशों को निशाना नहीं बनाएगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने कहा है कि ईरान पड़ोसी देशों को उस वक्त तक निशाना नहीं बनाएगा, जब तक कि वहां की जमीन से हमला न हो। ईरानी राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों के लिए माफी भी मांगी है। खबर है कि ईरान ने हमले रोकने का ऐलान ऐसे वक्त में किया है जब संयुक्त अरब अमीरात और सउदी अरब जैसे देशों ने जवाबी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली थी।

राष्ट्रपति का ऐलान सेना तक क्यों नहीं पहुंचा?
बताया जा रहा है कि ईरान के राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद कतर में लोगों के मोबाइल में ये मैसेज आया है कि अब सुरक्षा का खतरा खत्म हो गया है और स्थितियां नॉर्मल हैं। मगर हैरानी की बात ये है कि राष्ट्रपति के इस ऐलान के बावजूद कतर में हमला हो गया। माफी मांगने के ठीक बाद कतर की राजधानी दोहा में धमाकों की आवाज सुनाई दी। दोहा में सिक्योरिटी अलार्म बजने लगे। कतर के रक्षा मंत्रालय ने ईरान के मिसाइल हमले की पुष्टि की है। सेना ने मिसाइल अटैक को इंटरसेप्ट किया। अब सवाल ये है कि क्या बड़े लेवल पर हुए इस फैसले की जानकारी जमीनी स्तर तक नहीं पहुंची? राष्ट्रपति ने जो ऐलान किया वो सेना तक नहीं पहुंचा? रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कोई भी पड़ोसी देश ईरान के वादे पर आंख बंद करके भरोसा तो नहीं करेगा। वो ऐसी गलती नहीं करेंगा। सभी पड़ोसी देश अपनी सेना को हाईअलर्ट पर रखेंगे। हालांकि इसे फौरी राहत तो तौर पर तो देखा जा सकता है, क्योंकि पजेश्कियन शायद खाड़ी के देशों के साथ रिश्ते ठीक करने की पहल करने की कोशिश में है। मगर सवाल यहां से भी उठता है कि क्या ईरान के पड़ोसी देश उसके ख़िलाफ़ हमलों के लिए अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देंगे?
ईरानी राष्ट्रपति का डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा वार
ईरान के राष्ट्रपति ने ये भी ऐलान किया है, कि उनका देश सरेंडर नहीं करेगा। सेना ने इजराइल पर हमला जारी रखा है। ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर भी तीखा वार किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान के बिना किसी शर्त के सरेंडर करने से पहले अमेरिका बातचीत नहीं करेगा। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि वो हमारे बिना शर्त के सरेंडर करने के सपने को कब्र में लेकर जाएंगे।



