US fears Iran’s landmines in Hormuz: कभी मदद की गुहार…तो कभी धमकी भरे सुर…अमेरिकी राष्ट्रपति इन दिनों काफी बेचैन और असमंजस में हैं। होर्मुज को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की 7 देशों से मदद की गुहार पूरी नहीं हुई, सभी गच्चा दे गए, तो अब ट्रंप ने धमकी भरा लहजा भी अपनाया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जंग में यूरोपीय देशों को साफ-साफ अंजाम भुगतने की धमकी दी है।

ये वही अमेरिका है, जो BRICS को लगातार कमजोर करने की कोशिशों में जुटा था, मगर अब NATO को बचाने के भी लाले पड़े हैं। कोई ट्रंप का खुलेतौर पर साथ देने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल ट्रंप का सिर इसलिए भी चकराया हुआ है कि ईरान के पास न तो नौसेना है, न ही एंटी एयरक्राफ्ट हैं और न ही एयरफोर्स है, फिर भी वो युद्ध के मैदान में डटा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में पानी में बारूदी सुरंगे बिछा रखी हैं, इसीलिए ईरान युद्ध लड़ पा रहा है।

दरअसल अमेरिका में पिछले हफ्ते तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। जानकारों ने चिंता जताई है कि युद्ध यूं ही चलता रहा और होर्मुज नहीं खोला गया तो तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल पहुंच सकती है। ऐसे में महंगाई की अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ जाएगी। इसीलिए ट्रंप कभी सुर धीमे कर रहे हैं तो कभी तेज। ट्रंप एक तरफ अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं, तो कभी युद्ध जल्द खत्म होने की बात भी कह रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल की कीमतें कम हो जाएंगी।

उधर, ईरान ने दो टूक कह दिया है कि होर्मुज उसी के लिए खुला है, जो उसका दुश्मन नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुल खुला है, मगर ईरान के दुश्मन खासतौर पर अमेरिका और इजराइली जहाजों के लिए बंद है। मतलब ये कि ये भी अमेरिका के साथ सैन्य कार्रवाई में शामिल होगा, उसके लिए भी होर्मुज बंद रहेगा।



