Tuesday, May 26, 2026
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युद्ध के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कटौती

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़े असर के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, ताकि आम जनता और तेल कंपनियों को राहत मिल सके। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है (Petrol diesel excise duty cut)।

एक्साइज ड्यूटी में कितनी हुई कटौती

  • पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है।
  • डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह शून्य हो गई है।
फाइल फोटो

भारतीय नागरिकों पर बोझ नहीं डाला- सरकार

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि ‘मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे- चाहे तो भारतीय नागरिकों के लिए कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दे, जैसा कि अन्य देशों ने किया है या अपनी वित्तीय चुनौतियों का सामना करे, ताकि भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल से बचे रहें।’

कम किया तो क्या, इतना जता क्यों रहे हैं: मनीष तिवारी

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर से अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी कम करने के मोदी सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है कि ‘सरकार के पास जो राजस्व आता है, वह लोगों के टैक्स के पैसे से ही तो आता है….तो अगर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम की है तो सरकार कोई अपनी जेब से पैसा थोड़े ही दे रही है।’ अगर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है तो उसको इतना जताने की क्या जरूरत है? (हरदीप सिंह) पुरी साहब तो ऐसा जताना चाह रहे हैं, जैसे वो अपनी जेब से निकाल कर पैसे दे रहे हों।

वैश्विक संकट का असर

दरअसल ईरान द्वारा होमुर्ज स्ट्रेट (Hormuz Strait crisis) में लगाए गए प्रतिबंध और इज़रायल-अमेरिका के साथ जारी युद्ध जैसे हालातों के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100-122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इससे दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की लागत बढ़ी है (crude oil price surge)।

पंप पर कीमतें क्यों नहीं घटेंगी कीमतें

  • सरकार के इस फैसले के बावजूद पेट्रोल-डीजल के रिटेल दामों में तुरंत कोई कमी नहीं दिखेगी (fuel price India,)।
  • इस कटौती का मुख्य उद्देश्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर बढ़े लागत के दबाव को कम करना है (oil marketing companies relief)।
  • सरकार चाहती है कि कंपनियां उपभोक्ताओं पर तुरंत पूरा बोझ न डालें।

कंपनियों ने पहले ही बढ़ाए दाम

Nayara Energy ने हाल ही में पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे।
यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी के कारण की गई थी। कुल मिलाकर सरकार का यह कदम बाजार को स्थिर रखने और तेल कंपनियों को सपोर्ट देने की रणनीति माना जा रहा है।

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