उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन (Noida workers protest) अब उग्र रूप ले चुका है। पिछले 4 दिनों से चल रहा विरोध सोमवार को हिंसक हो गया (Noida violence news)। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई (factory workers clash police)। गुस्साए मजदूरों ने कई जगहों पर तोड़फोड़ की और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
सैलरी को लेकर भड़का गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उन्हें बेहद कम वेतन मिल रहा है (salary hike demand)। कई कर्मचारियों को महीने में मात्र 10,000 रुपये दिए जा रहे हैं, जिससे उनका गुजारा मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनियां श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रही हैं और ओवरटाइम का भुगतान भी सही तरीके से नहीं किया जाता।
कई कंपनियों में तोड़फोड़
प्रदर्शन के दौरान नोएडा के सेक्टर-57 स्थित नेक्सा सर्विस कंपनी (B-74) में तोड़फोड़ की गई। वहीं, सेक्टर-62 की साहू फैशन कंपनी में सैकड़ों कर्मचारी गेट तोड़कर अंदर घुस गए और जमकर हंगामा किया। गार्ड रूम के शीशे तोड़े गए और परिसर में नुकसान पहुंचाया गया। सामने आए वीडियो में प्रदर्शनकारियों को दीवार फांदकर अंदर जाते देखा जा सकता है।

पुलिस से झड़प और आगजनी
स्थिति तब बिगड़ गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

ट्रैफिक पर बड़ा असर
प्रदर्शन का असर ट्रैफिक पर भी पड़ा है (Noida traffic jam)। दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाला रास्ता ट्रैफिक पुलिस ने किसी तरह खुलवाया, लेकिन गाजियाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली कई लेन अब भी बंद हैं। कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है, जिससे हजारों लोग फंस गए।
दिल्ली में हाई अलर्ट
नोएडा में हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी में प्रवेश के सभी प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सीमा चौकियों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और वाहनों की सख्त जांच की जा रही है। अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
डीएम ने जारी की नई गाइडलाइंस
इस पूरे मामले के बीच गौतमबुद्ध नगर (Gautam Buddh Nagar) की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
- हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य
- ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान
- अनधिकृत कटौती पर सख्त कार्रवाई
- सैलरी स्लिप देना जरूरी
- त्योहारों पर बोनस का भुगतान 30 नवंबर तक सीधे बैंक खाते में
- किसी भी तरह की कटौती दंडनीय होगी
इसके अलावा, श्रमिकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक डेडिकेटेड कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। जिलाधिकारी ने मजदूरों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।



