UAE पहुंचते ही PM मोदी का हवा में ही शानदार स्वागत, F-16 ने किया एस्कॉर्ट, देखिए वीडियो

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Narendra Modi के United Arab Emirates दौरे ने एक बार फिर दुनिया को भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत का एहसास करा दिया। पीएम मोदी के विमान को UAE एयरस्पेस में F-16 लड़ाकू विमान द्वारा एस्कॉर्ट (F-16 Escort) किया जाना सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक अहमियत का बड़ा संकेत माना जा रहा है (PM Modi UAE Visit)।

F-16 लड़ाकू विमान से एस्कॉर्ट करने का वीडियो

यूएई में लैंड करने पर पीएम मोदी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। प्रेसिडेंशियल एयरपोर्ट पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने खुद पीएम मोदी का स्वागत किया (Narendra Modi UAE Tour)। इस दौरान दोनों नेताओं में अच्छी ट्यूनिंग दिखी। पीएम मोदी राष्‍ट्रपत‍ि नहयान को अपना भाई कहते हैं। दोनों नेताओं की करीबी दोस्ती और भरोसा भारत-UAE संबंधों की नई मजबूती को दिखाता है (India UAE Relations)।

ऊर्जा संकट के बीच भारत की बड़ी रणनीति

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान संकट और होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर खतरे के बीच पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। दुनिया जब ऊर्जा संकट से जूझ रही है, तब भारत अपने सबसे भरोसेमंद साझेदार UAE के साथ ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक सप्लाई चेन को मजबूत करने में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे में पेट्रोलियम भंडारण और एलपीजी सप्लाई से जुड़े अहम समझौते हो सकते हैं। इससे भारत की ऊर्जा जरूरतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

भारतीय जहाज पर हमले की UAE ने की निंदा

ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर हुए हमले (Indian Ship Attack) की UAE द्वारा खुलकर निंदा करना भी भारत की मजबूत कूटनीति का संकेत माना जा रहा है। यूएई ने साफ कहा कि भारत के समुद्री हितों और जहाजों की सुरक्षा के लिए वह पूरी तरह साथ खड़ा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में पीएम मोदी की विदेश नीति ने भारत को पश्चिम एशिया में एक मजबूत और भरोसेमंद शक्ति के रूप में स्थापित किया है। यही वजह है कि संकट के समय भी भारत को खुला समर्थन मिल रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भारत की दो टूक

Ministry of External Affairs ने ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। हालांकि भारत सरकार ने अभी तक जहाज या किसी संभावित हताहत की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन साफ संकेत दिए हैं कि समुद्री सुरक्षा से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा। विदेश मंत्रालय ने बिना किसी देश या संगठन का नाम लिए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल “आर्थिक दबाव” या “ब्लैकमेल” के तौर पर करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बड़ा खतरा बताया। एमईए के बयान में कहा गया कि ओमान तट के पास भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज को निशाना बनाना चिंताजनक है और लगातार नागरिक जहाजों तथा नाविकों पर हमले गंभीर मामला हैं। राहत की बात यह रही कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। भारत ने बचाव अभियान के लिए ओमान प्रशासन का धन्यवाद भी किया। भारत ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर हमले और नेविगेशन की आजादी में बाधा डालना स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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