नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के शास्त्री पार्क स्थित फर्नीचर मार्केट में शुक्रवार (22 मई) देर रात लगी भीषण आग (Delhi Shastri Park fire) ने देखते ही देखते पूरी मार्केट को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि सैकड़ों दुकानों में रखा लाखों-करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया (Shastri Park furniture market fire)। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली और गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर पथराव भी कर दिया (fire brigade attack Delhi)। हालांकि पुलिस ने हालात संभालते हुए लोगों को शांत कराया।
फायर ब्रिगेड के ट्रक पर पथराव का वीडियो
देर रात लगी आग, देखते ही देखते भड़की लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग रात करीब 11:30 बजे लगी थी। शुरुआत में आग सीमित इलाके में थी, लेकिन लकड़ी और फर्नीचर से भरी मार्केट होने के कारण कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग पूरी फर्नीचर मार्केट में फैल गई और दर्जनों दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
फायर डिपार्टमेंट पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने फायर डिपार्टमेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती और पर्याप्त संसाधनों के साथ आग बुझाने की कोशिश होती, तो नुकसान इतना बड़ा नहीं होता। एक स्थानीय व्यक्ति ने दावा किया कि मार्केट में करीब ढाई से तीन घंटे तक आग लगती रही, लेकिन राहत कार्य समय पर शुरू नहीं हो सके। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंचे दो फायर ट्रकों में से एक सही तरीके से काम नहीं कर रहा था और उसका पाइप भी क्षतिग्रस्त था। लोगों का कहना है कि शुरुआती समय में प्रभावी कार्रवाई होती तो पूरी मार्केट को जलने से बचाया जा सकता था।
गुस्साए लोगों ने किया पथराव
आग से हुए भारी नुकसान और फायर ब्रिगेड के कथित विलंब से नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कुछ लोगों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई (stone pelting on fire brigade)। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर हालात पर काबू पाया। पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य हुई और राहत कार्य जारी रखा गया।
250-300 दुकानों के जलने की आशंका
बताया जा रहा है कि शास्त्री पार्क की इस फर्नीचर मार्केट में करीब 250 से 300 दुकानें थीं, जिनमें सोफा, बेड, अलमारी और अन्य लकड़ी के फर्नीचर का कारोबार होता था। आग के बाद अधिकांश दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है (Delhi furniture market blaze)। फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो सकी है। दिल्ली पुलिस और संबंधित विभाग यह जांच कर रहे हैं कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। लकड़ी और ज्वलनशील सामान से भरी मार्केट होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि अब तक इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, नुकसान का वास्तविक आकलन जांच और सर्वे के बाद ही सामने आएगा।



