गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में हुई सूर्या चौहान हत्याकांड (Surya Chauhan Murder Case) की कहानी सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि दोस्ती, परिवार के गुस्से और बदले की मानसिकता से जुड़ी एक सनसनीखेज परत खोलती नजर आ रही है। पुलिस जांच और सामने आए दावों के मुताबिक, इस पूरे मामले की जड़ में असद की बहन और सूर्या चौहान की दोस्ती बताई जा रही है, जिसने धीरे-धीरे खूनी विवाद का रूप ले लिया (asad Sister Friendship Dispute)।
असद की बहन से दोस्ती बनी सूर्या के लिए ‘काल’
सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया, जिसमें न सिर्फ असद के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं, बल्कि ये भी बताया कि आखिर नफरत का ये बीज कहां से पनपा। बताया जा रहा है कि सूर्या चौहान और असद पहले दोस्त थे और दोनों एक ही इलाके में रहते थे। लेकिन सूर्या की उसकी बहन से बढ़ती दोस्ती असद को नागवार गुजरने लगी। इसी दोस्ती ने दोनों परिवारों के रिश्तों में जहर घोल दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तनाव और विवाद बढ़ता गया। हालात ऐसे बने कि असद का परिवार मोहल्ला बदलकर रहने लगा, लेकिन सूर्या और असद की बहन की बहन की दोस्ती नहीं टूटी। यही बात सूर्या की जान के लिए खतरा बन गई। उसकी बेरहमी से चाकुओ से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई।
असद के पिता का सनसनीखेज खुलासा
इसी बीच पुलिस पूछताछ में असद के पिता से जुड़े एक बड़े दावे ने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, असद के पिता ने स्वीकार किया कि उन्हें असद और सूर्या के विवाद की जानकारी थी (Asad Father Revelation)। इतना ही नहीं, उन्होंने असद को ‘सूर्या को सबक सिखाने’ की बात भी कही थी।
कहानी में अभी कई और परतें खुलनी बाकी हैं?
इसके बाद 28 मई को विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि असद और उसके साथियों ने मिलकर सूर्या चौहान की हत्या कर दी। हत्या के बाद असद फरार हो गया और पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान असद की लोकेशन मिलने पर उसे घेरने की कोशिश की गई। दावा है कि असद (Asad Encounter) ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया (UP Police Encounter)। इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या बहन की दोस्ती से शुरू हुआ विवाद पिता के गुस्से और ‘सबक सिखाने’ की सोच में बदलकर हत्या तक पहुंच गया? या कहानी में अभी कई और परतें खुलनी बाकी हैं?
असद के एनकाउंटर पर सियासत तेज
असद के एनकाउंटर के बाद मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस पर सियासी बहस भी शुरू हो गई। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी, एनकाउंटर कानून का रास्ता नहीं है। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी इसे लेकर सवाल उठाते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा और फर्जी एनकाउंटर बंद करने की मांग की।



