Wednesday, September 16, 2026
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पाकिस्तान से मिल रहे थे गुप्त संदेश, दिल्ली में क्या होने वाला था? जांच में चौंकाने वाला खुलासा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आतंकी हमले की बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते नाकाम कर दिया है (Delhi Police Special Cell ISI module)। पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी और हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के मुताबिक, ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर के निर्देश पर दिल्ली के संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों (Delhi religious places reconnaissance) और पुलिस प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे (Delhi terror conspiracy)। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क केवल हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाने की योजना पर भी काम कर रहा था (police station surveillance)। समय रहते हुई कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी वारदात टल गई।

तीन पंजाब से, एक दिल्ली से गिरफ्तार

स्पेशल सेल ने इस ऑपरेशन में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है (terror module arrested)। इनमें तीन आरोपी पंजाब से और एक दिल्ली से पकड़ा गया। जांच के दौरान सामने आया कि पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे कथित ISI हैंडलर शहजाद भट्टी के संपर्क में था, जो उन्हें लगातार निर्देश दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल (एक Zigana और एक .30 बोर), नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि उनके इस्तेमाल और स्रोत का पता लगाया जा सके (ISI terror network busted)।

विदेशी नंबरों से करते थे संपर्क

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारतीय नंबरों के बजाय विदेशी मोबाइल नंबरों और इंटरनेट आधारित संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बच सकें। पुलिस डिजिटल डिवाइस की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे और नेटवर्क कितना बड़ा है।

ड्रोन से पाकिस्तान से मंगाए जाते थे हथियार

पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भारत भेजे जाते थे (Pakistan drone smuggling)। जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी काम कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का संबंध पहले पकड़े गए ड्रोन तस्करी गिरोहों से भी है। मुख्य आरोपी शुभदीप सिंह पहले भी NDPS एक्ट के एक मामले में पंजाब पुलिस के हाथों गिरफ्तार हो चुका है। वहीं गुरजंत सिंह और साजन सिंह पर भी ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की खेप मंगाने में शामिल रहने के आरोप हैं। साजन सिंह का भी NDPS से जुड़े मामले में आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।

गगनप्रीत को मिला था दिल्ली में रेकी का जिम्मा

पुलिस के अनुसार, दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी गगनप्रीत को राजधानी के धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और पुलिस पिकेट की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इतना ही नहीं, उसे दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों पर फायरिंग जैसी वारदात को अंजाम देने का भी कथित टास्क सौंपा गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रेकी का काम कितना आगे बढ़ चुका था और क्या किसी संभावित हमले की तारीख भी तय की गई थी।

कई राज्यों में कार्रवाई के बाद टूटा नेटवर्क

स्पेशल सेल ने तकनीकी सर्विलांस, इलेक्ट्रॉनिक इनपुट और कई राज्यों में समन्वित छापेमारी के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Arms Act की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोग अभी फरार तो नहीं हैं। साथ ही वित्तीय लेन-देन, डिजिटल कम्युनिकेशन और सीमा पार मौजूद संपर्कों की भी गहन जांच की जा रही है (ISI sponsored terror module)।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

इस कार्रवाई के बाद राजधानी सहित कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त नजर रखी जा रही है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की सतर्कता भी आतंकवाद के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

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