Iranian Deputy Foreign Minister met Jaishankar: ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। ये मुलाकात ऐसे वक्त में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में भारी तनाव है। अमेरिका और इजराइल ईरान पर लगातार हमला कर रहे हैं। जयशंकर से मुलाकात के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने कहा कि उनका देश लगातार हमलों का सामना कर रहा है, नागरिक खतरे में हैं और हालात गंभीर बने हुए हैं। क्योंकि अमेरिका और इजराइल ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि निहत्थे जहाज को भी निशाना बनाया गया, जो कि भारत के निमंत्रण पर आया था।
“ईरान आखिरी सैनिक और आखिरी गोली तक लड़ेगा”
ईरान के उप विदेश मंत्री ने इसे अस्तित्व की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि इस जंग में ईरान पीछे हटने वाला नहीं है। देश आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक लड़ेगा। इन हमलों के खिलाफ वीरतापूर्ण राष्ट्रवादी बचाव करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कानून भी आज हमले के दायरे में आ गया है। वैश्विक शक्तियां अंतर्राष्ट्रीय कानून को चुन-चुनकर लागू कर रही है। उन्होने उम्मीद जताई कि भारत समेत दुनिया के अन्य देश अंतर्राष्ट्रीय कानून और न्याय के पक्ष में खड़े होंगे।
ईरानी डिप्टी विदेश मंत्री ने उड़ाया ट्रंप का मजाक
इस दौरान खतिबजादेह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जमकर मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि US प्रेसिडेंट ईरान का लीडर अपॉइंट करना चाहते हैं, जबकि वो न्यूयॉर्क के मेयर को भी अपॉइंट नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जहां वॉशिंगटन लड़ाई को अमेरिकन फुटबॉल की सोच से देख रहा है, वही ईरान इसमें शतरंज की तरह सोच रहा है। खाड़ी में अमेरिकी सेना की मौजूदगी पर भी खतिबजादेह ने सवाल उठाए और कहा कि US के रडार फारस की खाड़ी में क्या मछली पकड़ने के लिए हैं। ईरानी उप विदेश मंत्री ने इन आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि तेहरान ने होर्मुज को बंद कर दिया है।



