उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां शादी के 10 साल बाद बेटे के जन्म की खुशी परिवार ठीक से मना भी नहीं पाया और एक सड़क हादसे ने सब कुछ छीन लिया। हादसे में नवजात के पिता की मौके पर ही मौत हो गई। सबसे भावुक पहलू यह है कि बच्चे को जन्म देने वाली मां अभी आईसीयू में भर्ती है और उसे इस दुखद खबर की जानकारी भी नहीं दी गई है।
10 साल बाद पूरी हुई थी मुराद
बिठूर थाना क्षेत्र के चंद्रिका गांव निवासी शिवनंदन सिंह और उनकी पत्नी जूली के लिए यह दिन किसी सपने के सच होने जैसा था। कई सालों से बेटे की चाहत में उम्मीदें टूटती-जुड़ती रहीं, लेकिन आखिरकार किस्मत ने उनकी झोली भर दी।
कल्याणपुर के एक निजी अस्पताल में शाम करीब 4 बजे ऑपरेशन से जूली ने बेटे को जन्म दिया। बेटे के जन्म की खबर मिलते ही शिवनंदन खुशी से झूम उठे। उन्होंने तुरंत गांव में फोन कर सभी को खुशखबरी दी और घर पर मिठाइयां बांटी गईं।
पत्नी ICU में, पिता बना था सहारा
डिलीवरी के बाद जूली को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल में उनकी देखभाल के लिए शिवनंदन की सास मौजूद थीं। परिवार खुशियों में डूबा हुआ था और शिवनंदन अस्पताल की छोटी-बड़ी जरूरतों का ध्यान रख रहे थे।
खाना लाने निकले… रास्ते में मौत ने घेरा
परिजनों के अनुसार रात करीब 9 बजे शिवनंदन बाइक से गांव से खाना और दूध लेकर अस्पताल लौट रहे थे। इसी दौरान बिठूर-मंधना एलिवेटेड हाईवे पर बिल्हौर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद पीछे से आ रहे चार वाहन उन्हें रौंदते हुए निकल गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बिठूर थाने के प्रभारी अशोक कुमार सरोज के मुताबिक परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हादसे में शामिल वाहन की पहचान के लिए हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
शिवनंदन के परिवार में पत्नी जूली, 6 साल की बेटी आयुषी और मां निर्मला हैं। 10 साल बाद बेटे के जन्म से घर में आई खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं। सब सकते में है कि ICU में भर्ती उनकी पत्नी को उनकी मौत की खबर कौन बताएगा।



