सियासत के मोर्चे पर बंगाल की फिजाएं बदल गईं, अब 9 मई से ये बदलाव नई सरकार के शपथ के साथ ही जमीन पर उतरा भी नजर आएगा। 34 साल के वाम शासन और फिर ममता बनर्जी के दौर के बाद अब बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है (BJP Government in Bengal)। शुक्रवार को कोलकाता में हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर लग गई (Shubhendu Adhikari, West Bengal CM)। गृह मंत्री अमित शाह ने खुद उनके नाम का ऐलान किया और इसके तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल R. N. Ravi से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया।
यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े अध्यायों में से एक माना जा रहा है। जिस ममता बनर्जी ने एक दशक से ज्यादा समय तक बंगाल की राजनीति पर मजबूत पकड़ बनाए रखी, उसी दौर का अंत अब बीजेपी के हाथों हो रहा हैता दिख रहा है। खास बात यह है कि शुभेंदु अधिकारी वही नेता हैं जिन्होंने कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी के रूप में राजनीति की, लेकिन अब वही बीजेपी के चेहरे के तौर पर सत्ता तक पहुंच गए।
शपथ ग्रहण में पीएम मोदी समेत कई राज्यों के सीएम
9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक Brigade Parade Ground में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य होने वाला है (Bengal CM Oath Ceremony)। रवींद्र जयंती के दिन आयोजित इस कार्यक्रम को बीजेपी बंगाल में ‘नई शुरुआत’ के तौर पर पेश कर रही है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और कई बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होंगे।
बंगाल में दो डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में दो डिप्टी सीएम बनाए जा सकते हैं। इसके जरिए बीजेपी बंगाल में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद अब नई सरकार के गठन की सभी संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में यह बदलाव सिर्फ मुख्यमंत्री बदलने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति, प्रशासन और केंद्र-बंगाल संबंधों की दिशा भी पूरी तरह बदलाव नजर आएगा।


