वाराणसी में गंगा नदी (Iftar in Ganga) पर वोट में मुस्लिम युवकों ने रोज़ा इफ्तार किया, इस पर एक्शन हुआ (Iftar Controversy), तो तमाम नेता अपना-अपना सियासी चश्मा पहनकर मैदान में उतर आए। ऐसे कुतर्क किए, ऐसे सवाल दागे कि सुनकर आप भी सिर पीट लेंगे। कहने लगे कि अगर गंगा जी में मुसलमानों का चिकन की हड्डियां फेंकना अपराध है, तो हिंदुओं का गंगाजी में अस्थि विसर्जन अपराध क्यों नहीं है? अब नेता ऐसे-ऐसे में बिना सिर पैर के सवाल करेंगे तो हंगामा मचना तो शत-प्रतिशत तय है। इससे पहले कि किस नेता ने क्या कहा, आपको वो बताएं, उसके पहले ये समझिए कि वोट पर क्या हुआ था, काशी में गंगा नाव इफ्तार विवाद क्या है?
वाकया सोमवार का है। बताया जा रहा है कि मुस्लिम युवक बोट पर बैठे, वहां इफ्तार की थाली सजाई और बकायदा इसका वीडियो बनाया। आरोप है कि इन मुस्लिम युवकों ने चिकन बिरयानी खाई और उसके बाद उसकी हड्डियां गंगा में फेंक दी गई थीं। इन सभी पर पवित्र गंगा को अपवित्र करने का आरोप है (Iftar in Ganga in Varanasi)। चिकन की हड्डियां गंगा में फेंकने को हिंदूओं की भावनाओं के अपमान के तौर पर देखा गया है। वीडियो वायरल हुआ तो बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रजत जयसवाल ने इसके खिलाफ तहरीर दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए गंगा में इफ्तार करने पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?
वाराणसी के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी दशाश्वमेध थाने के मुस्लिम बहुल मदनपुरा इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने मो.अव्वल, मो.समीर, अजाद अली, मो.अहमद उर्फ राजा, नूर इस्माइल, मो.फैजान, बहुआबीर, मो.अहमद, मो.तहसीम, महफूज आलम, मो तौसीफ अहमद, नेहाल अफरीदी, आमिर कैफी, मो.अनस और दानिश सैफी को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की गिफ्तारी पर गर्माई सियासत
आरोपी जेल गए, तो यहीं से सियासी तूफान खड़ा हो गया। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी योगी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस सांसद ने कहा यूपी पुलिस कानून के दुरुपयोग का कीर्तिमान बनाना चाहती है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या गंगा में रोजा इफ्तार नहीं कर सकते?

अखिलेश यादव ने कहा डीएम, एसपी और एसओ को तो खुद इफ्तारी देनी चाहिए थी। हथेली गरम तो पुलिस नरम। उन लोगों ने हथेली गरम नहीं की होगी, इसीलिए कार्रवाई हुई। गंगा में बड़े व्यावसायिक क्रूज पर जब शराब पार्टी चलती है तो वो ठीक है, लेकिन नाव पर इफ्तार पार्टी पर केस क्यों?

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए पूछा कि आखिर इन लोगों ने कौन सा कानून तोड़ा है? उन्होंने इसे आपसी दूरियां पैदा करने की राजनीति बताया

यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा मां गंगा सनातन संस्कृति में अत्यंत पवित्र हैं। उन्होंने धार्मिक आस्था के अपमान को अनुचित बताया।

भाजपा युवा मोर्चा के नेता और शिकायतकर्ता रजत जायसवाल ने कहा कि गंगा सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि नाव पर चिकन बिरयानी खाना और हड्डियां गंगा में फेंकना हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से किया गया कृत्य है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस घटना को ‘धर्म जिहाद’ का नाम दिया और इस पर कड़ा ऐतराज जताया।

अयोध्या के संत सीताराम दास ने इस घटना की निंदा करते हुए कड़ी चेतावनी दी और इसे धार्मिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया
क्या कहता है कानून?
- भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें भी होती हैं।
- प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी हो सकता है
- सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के नियम लागू होते हैं
- पर्यावरण और प्रदूषण से जुड़े कानून भी लागू हो सकते हैं
- धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक होता है
- यदि इन नियमों का उल्लंघन होता है तो पुलिस कार्रवाई कर सकती है।



