15 फरवरी को दिनभर महाशिवरात्रि की धूम रही, मगर शाम ढलते ही जैसे ही लोगों ने फलाहारी खाना खाया वैसे ही ग्रेटर नोएडा की 2 सोसाइटीज में हड़कंप मच गया। एक के बाद एक 40 से ज्यादा लोग बीमार पड़ने लगे। लोगों को उल्टियां होने लगी, सिर भारी हो गया, मन बेचैन होने लगा और शरीर पूरा तप गया। बताया जा रहा है कि ये सब कुट्टू का आटा खाने के बाद से हुआ। व्रतियों ने कुट्टू के आटे से बने पकवान खाए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया।

घटना सुपरटेक इको विलेज 3 और हिमालय प्राइड सोसाइटीज की है। लोगों का कहना है कि महाशिवरात्रि का व्रत खोलने के लिए उन्होंने कुट्टू से आटे से बने पकवान खाए थे। कुछ ही देर के बाद लोगों को पेट में दर्द होने लगा, कईयों को उल्टी-दस्त और सिरदर्द की भी शिकायत होने लगी। कई लोगों को ये खाने के बाद बुखार तक आ गया। जिन लोगों की हालत ज्यादा गंभीर हो गई, उन्हें फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में इसे फूड प्वॉइजनिंग का मामला माना जा रहा है। बिसरख थाना पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। पुलिस लोगों से बातचीत कर रही है, ताकि ये पता चल सके कि लोगों ने कुट्टू का आटा कहां से खरीदा था।

कुट्टू का आटा लेते वक्त क्या रखें सावधानी?
अब सवाल ये है कि कुट्टू का आटा खाने के बाद अक्सर फूड प्वॉइजनिंग के मामले क्यों सामने आते हैं? दरअसल इसके पीछे कई कारण हैं। जब कुट्टू के आटे को लंबे समय तक रखा जाता है तो उसमें नमी के कारण फंगस हो जाती है, जिससे बैक्टीरियल संक्रमण होता है। कुट्टू के आटे में नमी होती है, जिससे ये जल्दी खराब होने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि लोग इस बात का बेहद ध्यान रखें कि ये आटा 2 महीने से ज्यादा पुराना न हो। इस आटे को लंबे समय तक स्टोर नहीं करना चाहिए। दूसरा त्योहारों के समय में इस आटे में मिलावट भी होती है, जिससे ये नुकसान करता है।



