माता-पिता जब बच्चों को स्कूल छोड़कर आते हैं तो खाली होकर भी खाली नहीं लौटते, क्योंकि साथ में आता है एक भरोसा। शिक्षकों के साथ है तो बच्चा एकदम सुरक्षित। मगर वही शिक्षक अगर पहले तो जानलेवा लापरवाही करें, फिर उस पर पर्दा डालने के लिए पूरी जिम्मेदारी का भी जनाजा निकाल दें तो क्या होगा? जी बिल्कुल, अपनी आंखों पर भरोसा कीजिए, आपने सही पढ़ा। कर्नाटक के एक सरकारी स्कूल में कुछ ऐसा ही हुआ है, एकदम रोंगटे खड़े करने वाला…
घटना कर्नाटक में तुमकुरू के बाहरी इलाके के एक सरकारी स्कूल की है। बताया जा रहा है कि कक्षा एक में पढ़ने वाली 6 साल की बच्ची स्कूल के ही कैंपस में मिड डे मील के लिए खड़ी थी और अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। तभी एक लोहे का दरवाजा उसके हाथ पर गिर गया, जिससे बच्ची की दो उंगलियां कट गई। आरोप है इसके बावजूद भी बच्ची को फौरन अस्पताल नहीं ले जाया गया और उसकी कटी उंगलियों को डस्टबिन में फेंक दिया।
बताया जा रहा है कि ये घटना 11 फरवरी की है, मगर इसका खुलासा अब हुआ है। आरोप है कि स्कूल ने घटना को दबाने की पूरी कोशिश की। बच्ची के माता-पिता के अकाउंट में 2000 रुपए भी डाल दिए ताकि घटना को दबाया जा सके। हालांकि अब शिकायत के बाद तुमकुरू रूरल पुलिस ने प्रिंसिपल नागेश, दो शिक्षक रेणुकम्मा और वेंकटेश के साथ साथ ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनके खिलाफ पहले तो लापरवाही और फिर इमरजेंसी में भी लापरवारी का केस दर्ज किया गया है।
बच्ची के माता-पिता का कहना है कि बच्ची की उंगलियों को बचाने की कोई कोशिश नहीं हुई। बच्ची के पिता को काफी देर के बाद घटना का पता चला। उसके बाद वो बच्ची को अस्पताल ले गए। उनका कहना है कि वक्त पर बच्ची को इलाज मिल जाता तो उसकी उंगलियां जोड़ी जा सकती थी। माता-पिता जब तक कटी उंगलियां ढूंढने स्कूल आए, तो आरोप है कि स्टाफ ने झाड़ू लगाकर उंगलियों को आनन-फानन में कूड़ेदान में फेंक दिया था।



