Ahmed Khan going to Bageshwar Dham: बागेश्वर धाम ने कई अनोखे भक्त देखे, कई यात्राओं का साक्षी रहा, मगर जो यात्रा बागेश्वर धाम में अब पहुंचने वाली है, उसमें न सिर्फ आस्था के रंग हैं, बल्कि गंगा जमुनी कही जाने वाली मजहबी एकता की असल मिसाल है। रमजान के महीने में बागेश्वर धाम की यात्रा वो अहमद खान कर रहे हैं, जो धर्म से मुस्लिम हैं और मन से रामभक्त। झांसी के रहने वाले अहमद खान करीब 90 किलोमीटर की ये यात्रा पैदल कर रहे हैं।
अहमद खान के सिर में रामायण है और मन में प्रभु राम। नंगे पैर बागेश्वर धाम की पदयात्रा पर निकले अहमद खान के साथ करीब 200 ग्रामीण हैं, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। उनका ये काफिला जहां-जहां पहुंच रहा है, उन पर फूलों की बारिश हो रही है। यात्रा के दौरान सभी लोग हर दिन 20 किलोमीटर पैदल चल रहे हैं और फिर रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन दोबारा यात्रा शुरु कर रहे हैं।
अहमद खान कहते हैं कि उन्होंने 40 साल पहले ये सपना देखा था, जो अब साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वो बागेश्वर धाम में पूजा-पाठ करेंगे और वहां से लौटने के बाद अपना नया नाम साई राम रखेंगे। अहमद खान ये भी कहते हैं कि उन्हें कुरान और रामचरित मानस दोनों से लगाव है। उन्होंने ग्रामीणों के सहयोग से अपने गांव में राधा-कृष्ण का मंदिर बनाने का भी संकल्प लिया है।



