Rohitashv Srivastava passed away: गोरखपुर के महात्मा गांधी कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता एवं अंग्रेजी के विद्वान शिक्षक श्री रोहिताश्व श्रीवास्तव जी का निधन पर शहर में शोक की लहर है। रोहिताश्व श्रीवास्तव का निधन सोमवार, दिनांक 09 मार्च 2026 की भोर में उनके शाहबाजगंज स्थित आवास पर हो गया। श्री रोहिताश्व श्रीवास्तव अंग्रेजी साहित्य और व्याकरण के एक सुविख्यात व जीवंत शिक्षक थे। अध्ययन व अनुशासन उनके जीवन का एक सर्वकालीन अंग रहा । वे अपने छात्रों व सहशिक्षकों के बीच एक निर्भीक मार्गदर्शक, मुखर वक्ता और अनुशासित विद्वान के रूप में प्रसिद्ध रहे। उन्होंने अपने अध्ययन को आगे बढ़ाते हुए शिक्षक पद से अवकाश प्राप्त करने के पश्चात शोध करते हुए अंग्रेजी साहित्यकार विलियन शेक्सपीयर द्वारा रचित नाटक मैकबेथ, ओथेलो, हैमलेट व किंग लीयर का हिन्दी में अनुवाद किया। उन्होंने पावन ग्रंथ श्रीराम चरित मानस के कुछ काव्य खण्डों को अंग्रेजी में भी अनुवादित किया। वे अपनी विद्वता, ईमानदारी, व साहसी व्यक्तित्व के रूप में अपने लोगों के बीच सदा प्रसिद्ध रहे। एम.जी. इंटर कॉलेज के सभी प्रोफेसरों और छात्रों ने गहरी संवेदना व्यक्त की। एम.जी. कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा कि संस्थान ने एक महान शिक्षक को खो दिया है, जिन्हें कॉलेज के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
“पिता ही नहीं, एक मार्गदर्शक भी खो दिया”
श्री रोहिताश्व श्रीवास्तव के बारे में बात करते हुए उनकी बेटी संगीता श्रीवास्तव, जो गोरखपुर के महर्षि महेश योगी स्कूल की पूर्व उप-प्रधानाचार्य हैं, उन्होंने कहा कि वे एक मेहनती व्यक्ति थे जिन्हें हमेशा अध्ययन करना पसंद था। उनकी दूसरी बेटी पुनीता सतकारी गोरखपुर के लिटिल फ्लावर स्कूल में पढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिता ही नहीं, ऐसा मार्गदर्शक खोया जिनसे वो समसामयिक मामलों, इतिहास और नई तकनीक सहित किसी भी विषय पर चर्चा कर सकती थीं।



