Wednesday, September 16, 2026
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परिवार संग अयोध्या आए गौतम अडानी, राम मंदिर से गूंजा परंपरा और राष्ट्र का शक्तिशाली संदेश

अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अपनी पत्नी डॉ. प्रीति अडानी, बड़े बेटे करण अडानी और बहू परिधि अडानी के साथ अयोध्या का दौरा किया (Adani family in Ayodhya)। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन किया और आस्था के साथ सेवा का शक्तिशाली संदेश दिया (Adani on Ram Mandir)।

रामलला के दर्शन कर भावुक हुए गौतम अडानी

अयोध्या में Gautam Adani ने आस्था, सेवा और भारतीय परंपराओं के प्रति अपने जुड़ाव को एक बार फिर मजबूती से व्यक्त किया (Gautam Adani Ayodhya visit)। उन्होंने कहा कि हनुमान जयंती के अवसर पर अयोध्या आना (Hanuman Jayanti Ayodhya) उनके लिए अत्यंत भावुक और गर्वपूर्ण अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति, एकता और बढ़ते आत्मविश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों, सच्चाई, कर्तव्य और सेवा को देश के लिए प्रेरणा बताया।

परिवार संग दर्शन करते गौतम अडानी

इसके बाद गौतम अडानी श्रीराम मंदिर से करीब 10 मिनट दूर स्थित श्री निश्शुल्क गुरुकुल महाविद्यालय (Gurukul education) पहुंचे। यह गुरुकुल 1935 में स्वामी त्यागानंद जी ने शुरू किया था। यह संस्थान आर्य समाज की परंपरा पर आधारित है, जो वैदिक शिक्षा, समाज सुधार और सभी के लिए शिक्षा को महत्व देता है। यहां गुरुकुल पद्धति से पढ़ाई होती है, जहां छात्र परिसर में रहकर अपने आचार्यों के मार्गदर्शन में शिक्षा लेते हैं। गौतम अडानी ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत की और देखा कि कैसे यहां अनुशासन, संस्कार और पढ़ाई एक साथ चलती है। इस दौरान जब विद्यार्थियों ने एक साथ संस्कृत के श्लोक पढ़े, तो पूरा परिसर मंत्रोच्चार से गूंज उठा। गौतम अडानी ने विद्यार्थियों के बीच बैठकर श्लोक सुने और शिक्षकों से बातचीत की। उन्होंने देखा कि यहां पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने का तरीका भी सिखाती है।

गुरुकुल में परिवार संग गौतम अडानी

उन्होंने कहा, “जब शिक्षा मूल्यों के साथ जुड़ी होती है, तो वह सिर्फ इंसान को नहीं बनाती, बल्कि देश का भविष्य भी बनाती है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन परंपराओं को आगे बढ़ाएं और आने वाले समय के लिए भी तैयार रहें।” उन्होंने यह भी कहा कि आज जब दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरफ बढ़ रही है, तब भारत की ज्ञान परंपरा को बचाना और मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि अडानी फाउंडेशन (Adani Foundation), जो अडानी ग्रुप की सामाजिक सेवा संस्था है, इस गुरुकुल को सहयोग देगी और यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लैब (AI lab) बनाने में मदद करेगी, ताकि परंपरा और तकनीक का मेल हो सके।

गुरुकुल में निशुल्क शिक्षा लेते हैं छात्र

इस गुरुकुल में करीब 200 छात्र पढ़ते हैं और यहां शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क है। परिसर में एक गौशाला भी है, जहां 50 से 60 गायें हैं। यह गुरुकुल अपने इतिहास के लिए भी जाना जाता है। यहां महात्मा गांधी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान नेता भी पहले आ चुके हैं।

गौतम अडानी का संदेश- ‘सेवा ही साधना’

गौतम अडानी के लिए यह सब ‘सेवा’ से जुड़ा है। वे अक्सर कहते हैं, “सेवा ही साधना है”, यानी सेवा केवल एक काम नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और समर्पण का रास्ता है। यह दौरा भारत की परंपराओं से उनके लगातार जुड़ाव का हिस्सा है। इससे पहले वे प्रयागराज के महाकुंभ और पिछले साल पुरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में भी शामिल हुए थे। साथ ही उन्होंने इंडोलॉजी (भारत अध्ययन) को आगे बढ़ाने वाली पहलों का समर्थन भी किया है, ताकि भारत के इतिहास, भाषाओं, दर्शन और संस्कृति को और गहराई से समझा जा सके।

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