PM Modi on women reservation bill: महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बड़ा संदेश दिया। पीएम मोदी ने बताया कि महिला आरक्षण बिल क्यों जरूरी है, उन्होंने बिल को पारित करने के लिए विपक्ष से भी खास अपील की। पीएम ने इस बिल पर एक लेख भी लिखा है (Women Empowerment Act)
PM ने महिलाओं के योगदान को बताया अमूल्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” (Nari Shakti Vandan Adhiniyam) पर खुला संपादकीय साझा करते हुए महिलाओं के योगदान को सराहा। राष्ट्र-निर्माण में महिलाओं के “विशाल और अमूल्य” योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों का साक्षी बन रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने लेख में लिखा कि शिक्षा तक बढ़ती पहुंच, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, वित्तीय समावेशिता और बुनियादी सुविधाओं में सुधार ने महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल, उद्यमिता, सशस्त्र बलों और कला जैसे क्षेत्रों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

महिला आरक्षण पर बड़ा संकेत
PM मोदी ने कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ कराए जाना जरूरी है (Women Reservation Bill India)। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकारों ने महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिशें कीं, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं। PM मोदी ने कहा कि …..
“यह बहुत ज़रूरी है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में अलग-अलग राज्यों के विधानसभा चुनाव महिलाओं के लिए आरक्षण के साथ ही कराए जाएं। पिछले कई दशकों से, पिछली सरकारों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं को उनका सही हक दिलाने के लिए बार-बार कोशिशें की हैं। कमेटियां बनाई गईं, बिल के ड्राफ़्ट पेश किए गए, लेकिन वे कभी कानून नहीं बन पाए। लेकिन इस बात पर आम सहमति बनी रही कि कानून बनाने वाली संस्थाओं में महिलाओं की नुमाइंदगी बढ़नी चाहिए। सितंबर 2023 में, संसद ने इसी आम सहमति की भावना के साथ ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया। मैं इसे अपनी ज़िंदगी के सबसे खास मौकों में से एक मानता हूँ,”
PM मोदी की ये बातें संसद के उस खास सत्र से पहले आई हैं, जो 16 अप्रैल से शुरू होने वाला है, और जिसमें महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित बदलाव पर चर्चा होगी। हालांकि सरकार ने महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के लिए संसद का एक खास सत्र बुलाया है (Women Representation in Parliament India), लेकिन विपक्षी पार्टियां सत्र से पहले लगातार एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर रही हैं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की और सरकार से आग्रह किया कि इस कानून के बारे में उसके पास जो भी प्रस्ताव है, उस पर चर्चा करे (33 Percent Reservation for Women)।
“नारी शक्ति वंदन अधिनियम” क्या है?
- ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’, जिसे आधिकारिक रूप से Constitution (106th Amendment) Act, 2023 कहा जाता है, सितंबर 2023 में पारित हुआ था
- लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
- यह आरक्षण रोटेशन के आधार पर लागू होगा
- SC/ST महिलाओं के लिए भी इसमें अलग कोटा शामिल है
- यह कानून देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।



