उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कुरारा थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन कंदौर-मोराकंदर पुल (Kandor-Morakandar Bridge Collapse) का एक हिस्सा तेज आंधी और भारी बारिश के दौरान अचानक ढह गया (Hamirpur Bridge Collapse)। हादसे में 5 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
सीएम योगी ने हादसे पर जताया दुख
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और हादसे पर गहरा दुख जताया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया। साथ ही अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिए।
तेज आंधी और बारिश से निर्माणाधीन ढांचा ढहा
बताया जा रहा है कि हादसा गुरुवार देर रात उस समय हुआ, जब पुल पर रात की शिफ्ट में निर्माण कार्य चल रहा था (UP Bridge Accident)। अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने निर्माणाधीन ढांचे को हिला दिया। देखते ही देखते पुल की स्लैब, पिलर और शटरिंग भरभराकर नीचे गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के मुताबिक सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती चरण में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई मजदूर मलबे में फंसे मिले। बाद में 5 शवों को बरामद कर उनकी पहचान की गई।
हादसे से अफरा-तफरी, 5 लोगों की दर्दनाक मौत
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों की चीख-पुकार और बेचैनी ने हादसे की भयावह तस्वीर सामने ला दी। मजदूर राजेश पाल की बेटी शिवानी पाल का दर्द भी छलक उठा। उसने बताया कि जैसे ही तूफान आया उसने पिता को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में साथ काम करने वालों से पता चला कि ऊपर से भारी स्लैब और शटरिंग गिर गई है। परिवार मौके पर पहुंचा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
हादसे की जांच में जुटा प्रशासन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि देर रात करीब दो बजे सूचना मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें लगातार मलबा हटाने और संभावित फंसे मजदूरों की तलाश में जुटी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज तूफान ने पुल के सपोर्ट ढांचे को कमजोर कर दिया, जिससे पूरा हिस्सा अचानक ढह गया। हालांकि प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसा केवल खराब मौसम की वजह से हुआ या निर्माण में किसी तरह की लापरवाही भी जिम्मेदार थी।



