नई दिल्ली: आने वाले लोकसभा चुनाव 2029 और यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच INDIA गठबंधन की बड़ी बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हो रही है। (India alliance meeting in Delhi) बैठक का मकसद यही है कि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद सहयोगी दलों में उभरे मतभेदों को दूर करना और विपक्षी एकता का संदेश देना।
बैठक में 23 दलों के शामिल होने का दावा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का दावा तो ये है कि बैठक में 23 दल शामिल होंगे और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है (Opposition Alliance Meeting)। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। हाल ही में हुए तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों ने INDIA गठबंधन के क्षेत्रीय सहयोगियों की सियासी ताकत को बड़ा झटका दिया है।
नाराज DMK ने बैठक से बनाई दूरी
उधर, तमिलनाडु में DMK ने कांग्रेस पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए बैठक से दूरी बना ली है। DMK पार्टी कांग्रेस द्वारा तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के साथ गठबंधन से नाराज है। TVK प्रमुख विजय ने तमिलनाडु में 108 सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया है।
आम आदमी पार्टी पहले ही कर चुकी है किनारा
केरल में CPI(M) ने चुनाव के दौरान अपने नेतृत्व के खिलाफ कथित अभियान को लेकर कांग्रेस के सामने नाराजगी जताई है, हालांकि पार्टी की ओर से सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में शामिल होंगे। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी पहले ही INDIA गठबंधन छोड़ चुकी है और उसने बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुकी है।
बैठक में शामिल हुई हैं ममता बनर्जी
TMC प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी बैठक में शामिल हुए हैं। मगर पश्चिम बंगाल में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन और अंदरूनी कलह की खबरों ने TMC की चिंताएं बढ़ा दी हैं। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में वर्चुअली शामिल होंगे।
क्या विपक्ष ‘एक चेहरा’ तलाश पाएगा?
झारखंड में भी कांग्रेस और JMM के बीच राज्यसभा चुनाव को लेकर तनातनी देखने को मिली, लेकिन गठबंधन बचाने के लिए दोनों दलों ने समझौते का रास्ता चुनाराजनीति के जानकारों का मानना है कि INDIA गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी नेतृत्व वाले NDA के खिलाफ मजबूत और साझा रणनीति तैयार करना है। इसके साथ ही विपक्षी गठबंधन को ऐसा चेहरा भी तलाशना होगा जिसे सभी विपक्षी दल स्वीकार कर सकें। क्योंकि राहुल गांधी के नेतृत्व (Rahul Gandhi Leadership) को लेकर भी सहयोगी दलों के भीतर सवाल उठते रहे हैं। बैठक से पहले दिल्ली में लगे पोस्टरों में कई विपक्षी नेताओं के राहुल गांधी पर दिए गए पुराने बयान भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऐसे में INDIA गठबंधन की यह बैठक सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि विपक्षी एकता की अग्निपरीक्षा मानी जा रही है।



