काराकस। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय दशकों की सबसे भीषण त्रासदी का सामना कर रहा है (Venezuela Earthquake)। बुधवार शाम कुछ ही सेकंड के अंतराल में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने (Venezuela Double Earthquake) पूरे देश को हिला दिया, दहला दिया। राजधानी काराकस समेत कई शहरों में ऊंची-ऊंची इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कें फट गईं और हजारों लोग मलबे में फंस गए। सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। साथ ही सेना, बचाव दल और मेडिकल टीमों को राहत अभियान में उतारा हुआ है।
मरने वालों की संख्या 10 हजार से 1 लाख के बीच होने का अनुमान
इस विनाशकारी भूकंप में अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मलबा हटने के बाद मृतकों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने भी बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका जताई है। USGS ने मरने वालों की संख्या 10 हजार से 1 लाख के बीच होने का अनुमान लगाया है। संस्था ने कहा है कि जिस पैमाने पर तबाही हुई है, उससे आने वाले दिनों में जब मलबा हटेगा तो तेजी से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
आखिर क्यों आया इतना विनाशकारी भूकंप?
भूकंप की सबसे बड़ी वजह वेनेजुएला की भौगोलिक स्थिति है। यह देश कैरिबियन टेक्टोनिक प्लेट और साउथ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेट के जंक्शन पर स्थित है। करोड़ों वर्षों से ये दोनों प्लेटें लगातार एक-दूसरे पर दबाव बनाती रही हैं। जब यह दबाव अचानक टूटता है, तब धरती तेज़ी से हिलती है और शक्तिशाली भूकंप पैदा होता है। इस बार भी यही हुआ, लेकिन स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर बन गई क्योंकि दोनों प्लेटों के बीच उथली स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग (Shallow Strike-Slip Faulting) हुई। इसमें प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर तेजी से फिसलती हैं, जिससे बेहद तेज ऊर्जा निकलती है और बड़े पैमाने पर झटके महसूस होते हैं।
एक मिनट में दो बड़े झटके, क्यों है यह घटना दुर्लभ?
इस आपदा की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पहला शक्तिशाली भूकंप आने के कुछ ही सेकंड बाद दूसरा और उससे भी ज्यादा ताकतवर भूकंप आया (7.5 Magnitude Earthquake)। वैज्ञानिक इसे “अर्थक्वेक डबलेट” (Earthquake Doublet) कहते हैं। सामान्य तौर पर किसी बड़े भूकंप के बाद छोटे-छोटे आफ्टरशॉक आते हैं, लेकिन डबलेट में दूसरा भूकंप भी लगभग समान या उससे अधिक तीव्रता का होता है। यही वजह है कि पहले झटके से कमजोर हुई इमारतें दूसरे झटके में पूरी तरह ढह जाती हैं और नुकसान कई गुना बढ़ जाता है।
क्यों बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा?
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी काराकस और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई स्थानों पर लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। राहत कार्य में सबसे बड़ी चुनौती भारी मलबा, टूटी सड़कें और संचार व्यवस्था का बाधित होना है। इसी कारण बचाव अभियान धीमी गति से चल रहा है। जैसे-जैसे मलबा हटेगा, वैसे-वैसे वास्तविक नुकसान की तस्वीर सामने आएगी।
3 प्वाइंट में समझिए वेनेजुएला में तबाही की वजह
- दो टेक्टोनिक प्लेटों का टकराव
वेनेजुएला कैरिबियन और साउथ अमेरिकन प्लेटों की सीमा पर स्थित है, जहां लगातार भूगर्भीय दबाव बनता रहता है। - उथली स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग
प्लेटों के क्षैतिज खिसकने से अचानक भारी मात्रा में ऊर्जा निकली, जिसने 7 से अधिक तीव्रता के भूकंप पैदा किए। - अर्थक्वेक डबलेट ने बढ़ाई तबाही
पहले झटके के तुरंत बाद दूसरा और ज्यादा शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे पहले से कमजोर हो चुकी इमारतें भी ढह गईं और नुकसान कई गुना बढ़ गया।
क्या खतरा अभी टला नहीं है?
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में आफ्टर शॉक्स का सिलसिला जारी रह सकता है। कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा अभी भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त भवनों से दूर रहने और केवल सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अगर राहत और बचाव कार्य तेजी से नहीं हुआ, तो यह आपदा वेनेजुएला के इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में शामिल हो सकती है।



