Wednesday, September 16, 2026
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‘राजा रघुवंशी केस’ जैसी कहानी दोहरा रहा है पुणे का लोहगढ़ किला? मंगेतर की मौत, सीक्रेट रिश्ते और 2004 कॉल्स ने उठाए सवाल

पुणे। कुछ महीने पहले देश ने एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में रिश्ते, विश्वासघात और कथित साजिश की कहानी देखी थी..नाम था राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी केस। ठीक इसी तरह अब पुणे के चर्चित लोहगढ़ किला मामले ने भी ऐसे ही कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी वजह से लोग इसकी तुलना उस मामले से करने लगे हैं। हालांकि पुलिस भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है, मामले की जांच जारी है (lohagad fort murder case)।

केतन अग्रवाल और सिया गोयल के रोके की तस्वीर

शादी की तैयारियां, मगर पर्दे के पीछे क्या चल रहा था?

जांच के अनुसार, कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाली सिया गोयल की शादी नवंबर में केतन अग्रवाल से तय हो चुकी थी। दोनों परिवारों के बीच रोका हो चुका था और शादी की तैयारियां शुरू थीं। केतन का परिवार सिया को अपनी बहू मान चुका था। वह अक्सर घर आती-जाती थी, त्योहारों और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होती थी। मगर फिर ऐसा क्या हुआ कि केतन अग्रवाल की जान चली गई और खाई में धक्का देने की साजिश के आरोप लगे मंगलेर सिया गोयल पर (fiance death case)।

हादसा या साजिश? जांच के घेरे में कई सवाल

केतन अग्रवाल की मौत लोहगढ़ किले की घाटी में गिरने से हुई। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन परिवार ने शुरुआत से ही इस पर सवाल उठाए। परिजनों का दावा है कि घटना से 4 दिन पहले यानि 14 जून को भी सिया, केतन को उसी किले पर लेकर गई थी, जहां एक संदिग्ध घटना हुई। परिवार का आरोप है कि उस दिन केतन को पीछे की ओर धक्का लगा था, लेकिन उस दिन किस्मत अच्छी थी, झाड़ियों का सहारा मिलने से उसकी जान बच गई।

केतन अग्रवाल, सिया गोयल और कथिक प्रेमी चेतन चौधरी

जन्मदिन का बहाना और आखिरी सफर

परिवार के मुताबिक 19 जून को सिया का जन्मदिन था। इसी बहाने सिया ने 18 जून को केतन को लोहगढ़ किला चलने के लिए कहा। दोनों सुबह साढ़े 8 बजे लोहगढ़ किले के लिए रवाना हुए। मगर 10 बजकर 45 मिनट पर ही फोन आ गया कि केतन घाटी में गिर गया है। परिजन फौरन लोहगढ़ किले पहुंचे, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गहरी खाई में गिरने से केतन की मौत हो चुकी थी (lohagad murder mystery)। पहले तो मामला हादसा माना गया। मगर परिवार ने शक जताया और पुलिस ने तफ्तीश की, तो यहीं से यह मामला सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि संभावित साजिश की जांच का विषय बन गया। पुलिस की जांच में एंट्री हुई चेतन चौधरी की। जांच में सामने आया कि पिछले 6 महीनों में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच 2,004 फोन कॉल हुईं और दोनों ने करीब 238 घंटे तक बातचीत की। यही कॉल रिकॉर्ड अब जांच का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि कि क्या सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को रास्ते से हटा दिया? क्या केतन अग्रवाल को किले से खाई में धक्का दिया गया?

परिवार के आरोप, पुलिस की जांच

केतन अग्रवाल के माता-पिता का आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं। उनका दावा है कि सिया के व्यवहार ने भी उनके संदेह को बढ़ाया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच में होना बाकी है। दूसरी ओर पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल के पुनर्निर्माण के जरिए पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है।

क्यों हो रही है दूसरे चर्चित मामलों से तुलना?

इस मामले में भी कुछ ऐसे पहलू सामने आए हैं, जिनकी वजह से इसकी तुलना पहले के हाई-प्रोफाइल रिलेशनशिप क्राइम मामलों से की जा रही है

  • शादी तय होने के बावजूद चेतन चौधरी से लगातार संपर्क
  • घटना से पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मुलाकातें
  • परिवार का हत्या की साजिश का आरोप
  • तकनीकी साक्ष्यों जैसे कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा पर टिकी जांच

सबसे बड़ा सवाल

इस पूरे मामले में जांच एजेंसियां अब यही पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि अगर सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच करीबी संबंध थे, तो फिर केतन अग्रवाल से शादी की तैयारी क्यों जारी रही? सिया की जिंदगी में चेतन था, तो केतन के शादी को राजी क्यों हो गई? क्या यह केवल पारिवारिक दबाव था, कोई निजी कारण था या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है?

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