Wednesday, September 16, 2026
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सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोकी सोनम रघुवंशी की बेल? कोर्ट की टिप्पणी ने बढ़ाया सस्पेंस, अब होगी निर्णायक सुनवाई

राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने मेघालय हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है (Sonam Raghuvanshi Bail)। हालांकि, मेघालय सरकार की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई अगले सप्ताह गुरुवार के लिए तय कर दी है। यह मामला अब सिर्फ जमानत का नहीं, बल्कि हाईकोर्ट (Meghalaya High Court) के फैसले की न्यायिक समीक्षा का भी बन गया है। सुप्रीम कोर्ट अब यह भी देखेगा कि ट्रायल की प्रगति किस स्थिति में है और किन परिस्थितियों में आरोपी को जमानत दी गई।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने स्पष्ट किया कि चूंकि सोनम रघुवंशी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी हैं, इसलिए फिलहाल उनकी बेल पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया जाएगा। अदालत ने कहा कि पहले पूरे मामले और ट्रायल की स्थिति को समझा जाएगा, उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी कर आरोपी से जवाब भी मांगा है।

मेघालय सरकार ने क्यों दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती?

मेघालय सरकार ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सोनम रघुवंशी को जमानत दी गई थी। सरकार का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर और सुनियोजित हत्या का मामला है। ऐसे में आरोपी को जमानत देना जांच और ट्रायल दोनों को प्रभावित कर सकता है। पिछले हफ्ते सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Tushar Mehta) ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का विशेष उल्लेख करते हुए कहा था कि यह अत्यंत गंभीर अपराध है और इस पर जल्द सुनवाई जरूरी है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनने पर सहमति जताई (Raja Raghuvanshi Case Update)।

तुषार मेहता ने कोर्ट में उठाए ये सवाल

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन न्यायाधीश ने पहले तीन बार जमानत याचिका खारिज की थी, उन्ही न्यायाधीश ने चौथी बार जमानत मंजूर कर दी। उन्होंने दलील दी कि इस दौरान मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी थी, ऐसे में परिस्थितियां आरोपी के पक्ष में नहीं थीं। उन्होंने कोर्ट से कहा कि यह साधारण हत्या नहीं बल्कि पूरी तरह पूर्व नियोजित हत्या का मामला है और जमानत देने का निर्णय उचित नहीं माना जा सकता।

‘हनीमून के बहाने रची गई थी हत्या की साजिश’

सुप्रीम कोर्ट में मेघालय सरकार की ओर से कहा गया कि राजा रघुवंशी की हत्या पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी (Shillong Murder Case)। आरोप है कि सोनम रघुवंशी अपने पति को हनीमून के बहाने मेघालय के पहाड़ी इलाके में लेकर गईं, जहां पहले से मौजूद कथित हमलावरों की मदद से उनकी हत्या की गई। सरकार के अनुसार हत्या के बाद शव को गहरी खाई में फेंक दिया गया और आरोपी वहां से फरार हो गईं। बाद में उन्हें उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

क्या है पूरा राजा रघुवंशी हत्याकांड?

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी मई 2025 में सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय पहुंचे। इसी दौरान राजा के अचानक लापता होने की खबर सामने आई (Honeymoon Murder Case)। कई दिनों की तलाश के बाद उनका शव बरामद हुआ, जिसके बाद मामला हत्या में बदल गया।जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि सोनम रघुवंशी का राज कुशवाहा नामक युवक से कथित प्रेम संबंध था। आरोप है कि दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची और हनीमून को ही वारदात को अंजाम देने का माध्यम बनाया। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस अब तक सोनम रघुवंशी समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखी है, लेकिन यह राहत अंतिम नहीं मानी जा रही। अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई में अदालत मेघालय सरकार की दलीलों, आरोपी के जवाब और ट्रायल की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करेगी (Supreme Court Hearing)। इसके बाद तय होगा कि हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत कायम रहेगी या उसे रद्द किया जाएगा। इस सुनवाई पर पूरे मामले की आगे की कानूनी दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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