महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agrawal Murder Case) में मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह पुलिस जांच नहीं, बल्कि मीडिया के सामने उसका कथित आपत्तिजनक व्यवहार है। पुणे ग्रामीण पुलिस जब जांच के सिलसिले में सिया को उसके घर लेकर गई, तब बाहर मौजूद मीडियाकर्मियों की ओर उसने कथित तौर पर मिडिल फिंगर दिखाई (Siya Goyal Middle Finger)। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर नई बहस छिड़ गई है। इसी बीच पुलिस ने जांच को और तेज करते हुए सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस वैज्ञानिक जांच से हत्या की साजिश और दोनों आरोपियों की भूमिका को लेकर कई अहम सवालों के जवाब मिल सकते हैं।
मीडिया के सामने कथित अश्लील इशारा, वीडियो वायरल
2 जुलाई को पुणे ग्रामीण पुलिस सिया गोयल को जांच के लिए पुणे के लुल्ला नगर स्थित उसके घर लेकर पहुंची थी। घर की तलाशी और पूछताछ के बाद जब पुलिस उसे वापस बाहर लेकर आई, तब बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी वहां मौजूद थे। इसी दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर कैमरों की ओर मिडिल फिंगर दिखाया। उस समय उसने अपना चेहरा प्रिंटेड स्कार्फ से ढका हुआ था और काले रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। हालांकि, इस घटना को लेकर पुलिस की ओर से कोई अलग मामला दर्ज किए जाने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
अब पॉलीग्राफ टेस्ट से तलाशे जाएंगे जवाब
इस हाई-प्रोफाइल केस में सबसे बड़ा कदम अब पॉलीग्राफ टेस्ट माना जा रहा है (Siya Goyal Polygraph Test)। पुणे ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए वडगांव मावल अदालत से अनुमति मांगी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अदालत पहले दोनों आरोपियों को नोटिस जारी करेगी और उनकी सहमति दर्ज करेगी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही टेस्ट कराया जा सकेगा। पॉलीग्राफ टेस्ट (Lie Detector Test) के दौरान पूछताछ के समय व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रियाएं जैसे रक्तचाप, नाड़ी की गति, सांस लेने का पैटर्न और पसीने में होने वाले बदलाव रिकॉर्ड किए जाते हैं। जांच एजेंसियां इन संकेतों का उपयोग पूछे गए सवालों पर व्यक्ति की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करने के लिए करती हैं। हालांकि, भारत में पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे अपने आप में अंतिम कानूनी साक्ष्य नहीं माने जाते और इन्हें अन्य सबूतों के साथ जोड़कर देखा जाता है।
हत्या से पहले ‘रिहर्सल’ कराने का दावा
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। जांच एजेंसी के अनुसार सिया गोयल (Siya Goyal) और चेतन चौधरी (Lover Chetan Chaudhary) ने कथित तौर पर वारदात से पहले हत्या की पूरी योजना का रिहर्सल किया था। गुरुवार को पुलिस दोनों आरोपियों को उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां कथित तौर पर यह प्रैक्टिस की गई थी। पुलिस का दावा है कि लुल्ला नगर स्थित एक क्लब के पास पहाड़ी जैसी जगह पर दोनों ने यह प्रैक्टिस की थी कि लोहागढ़ किले की चट्टान से केतन अग्रवाल को कैसे धक्का दिया जाएगा। जांच के मुताबिक यह रिहर्सल मई महीने में किया गया था।
सिया के घर से मिले अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के मार्केट यार्ड स्थित घर की तलाशी ली। यहां से वे कपड़े बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस के अनुसार उसने 18 जून यानी घटना वाले दिन पहना था।इसके अलावा पुलिस ने मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जब्त किए हैं। अब इन सभी सबूतों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर 25 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की चट्टान से धक्का देकर हत्या कर दी गई थी (Lohagad Fort Murder Case)। इस मामले में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। घटना के समय केतन और सिया की सगाई हो चुकी थी और दोनों की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर पॉलीग्राफ टेस्ट, डिजिटल साक्ष्यों और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर है, जिनसे इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद की जा रही है।



