भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2,000 रुपये के नोट को सितंबर 2023 के बाद लीगल टेंडर यानि चलन से बाहर करने का ऐलान कर दिया। RBI ने शुक्रवार शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे, मतलब ये कि इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। RBI ने बैंकों को 30 सितंबर तक ये नोट जमा करने और बदलने की सुविधा देने को कहा है। जबकि रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों से ग्राहकों को 2000 रुपये का नोट देना तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। आरबीआई ने नवंबर 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट चलन से हटाने के बाद 2000 रुपये के नोट जारी किए थे। बहुत सारे लोग पशोपेश में है कि अब आगे क्या होगा। बहुत सारे सवाल लोगों के ज़हन में है। RBI ने इन तमाम सवालों के जवाब दिए हैं।
2000 रुपए के नोटों को लेकर अहम सवालों के जवाब
सवाल - क्या 2000 के नोट वैध रहेंगे? जवाब - 2000 के नोट अभी वैध रहेंगे सवाल - क्या 2000 के नोट इस्तेमाल किए जा सकते हैं? जवाब - हां, इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन 30 सितंबर तक बदलने होंगे
सवाल - एक बार में कितने नोट बदल सकते हैं? जवाब - एक बार में 20000 तक के नोट बदल सकते हैं सवाल- क्या 2000 के नोट बैंक में जमा कर सकते हैं? जवाब - KYC के नियमों के अधीन बैंक में जमा कर सकते हैं
सवाल - कब से नोट बदले जा सकेंगे? जवाब - 23 मई से नोट बदलने की प्रक्रिया शुरु होगी सवाल - क्या सिर्फ अपने बैंक में ही नोट बदल सकते हैं? जवाब - नहीं, किसी भी बैंक में नोट बदले जा सकते हैं सवाल - अगर आपको एक बार में 20 हज़ार से ज्यादा चाहिए तो क्या करें? जवाब - बैंक में पैसे जमा कर ATM से वैध नोट निकाल सकते हैं
सवाल - नोट बदलने के लिए क्या कोई फीस लगेगी? जवाब - नहीं, ये प्रक्रिया पूरी तरह फ्री होगी सवाल - क्या सीनियर सिटीजन अथवा दिव्यांगों के लिए एक्सचेंज की अलग व्यवस्था होगी? जवाब - बैंकों को सुगम व्यवस्था करने को कहा गया है
RBI के फैसले पर किस विपक्षी नेता ने क्या कहा ?
“पहले बोले 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार बंद होगा। अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार ख़त्म होगा इसीलिए हम कहते हैं, PM पढ़ा लिखा होना चाहिए। एक अनपढ़ पीएम को कोई कुछ भी बोल जाता है, उसे समझ आता नहीं है, भुगतना जनता को पड़ता है।”
- अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री
”दो हज़ार के नोट को मार्किट में लाया ही क्यों गया था? अब सरकार ने इसको वापस लेने का निर्णय लिया, पहले भी जो मार्किट में पैसा था लगभग उतना ही पैसा वापस भी आ गया था तो बीजेपी ये बताये की उसका क्या फ़ायदा हुआ था?”
- अशोक गहलोत, राजस्थान के मुख्यमंत्री
”कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ आती है। 2000 रुपये के नोट के मामले में भी ऐसा ही हुआ है, लेकिन इसकी सजा इस देश की जनता और अर्थव्यवस्था ने भुगती है। शासन मनमानी से नहीं, समझदारी और ईमानदारी से चलता है।”
- अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष
”हमने पिछली बार भी नोटबंदी देखा, जिसके चलते आम लोगों की परेशानियां हुई थीं और नोटबंदी के चलते ही लोगों की मौतें हुई थीं। नोटबंदी से ही करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी खत्म हो गई थी। उस समय पीएम मोदी ने कहा था कि वो देश में क्रांति ला रहे हैं, उस क्रांति के चलते भारत में त्राही-त्राही मच गई थी।”
- अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस के नेता