पंजाब में एक अधिकारी की मौत ने सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है। पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड (Randhawa suicide case) के बाद विपक्ष ने राज्य की भगवत मान (Bhagwant Mann) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला और अकाली दल के नेता विक्रम मजीठिया का आरोप है कि गगनदीप सिंह रंधावा की मौत के पीछे एक टेंडर (Tender bribery allegation Punjab) है। जिसमें कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर (Laljit Singh Bhullar) पर रिश्वत की पेशकश (Punjab cabinet minister controversy) और प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। आरोप है कि टेंडर पास कराने के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन अधिकारी ने मना कर दिया।
उनके मुताबिक 13 मार्च को एक टेंडर निकला था। कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने अपने पिता के नाम पर इस टेंडर के लिए आवेदन किया था। चूंकि, ये टेंडर गगनदीप सिंह रंधावा के जरिए जारी होना था, लिहाज़ा, कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर को ने रंधावा को टेंडर पास करने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत की पेशकश की। लेकिन, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने रिश्वत लेने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि, इसके बाद भगवंत मान सरकार में कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने रंधावा को अपने घर बुलाया और उनकी बेइज्जती की। रंधावा को पीटा गया और पिटाई का वीडियो भी बनाया गया। उन्हें गैंगस्टर से मरवाने की धमकी भी दी गई। जिसकी वजह से पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने अपने परिवार को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया। इसके बाद जिला प्रबंधक ने वीडियो जारी कर सल्फास खा लिया।

कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा
इस घटना के बाद सीएम भगवंत मान ने आनन-फानन में कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर का इस्तीफा ले लिया (Punjab cabinet minister controversy)। उन्होंने भुल्लर के मंत्रालय का प्रभार किसी और को सौंपने का ऐलान करने के साथ निष्पक्ष जांच की बात कही। भगवंत मान ने अपना दामन पाक साफ साबित करने की कोशिश की। तो वहीं लालजीत भुल्लर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। भुल्लर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, उनके ऊपर जो आरोप लगे हैं वो बेबुनियाद और झूठे हैं। सच्ची पार्टी हमेशा सच का साथ देती है और सच के साथ खड़ी होती है। आरोपों की जांच हो ताकि सच सामने आ सके।
विपक्ष ने की CBI से जांच कराने की मांग
सवाल ये है कि, इस मामले की जांच करेगा कौन? जाहिर है पंजाब पुलिस। ऐसे में विपक्ष का आरोप है कि क्या निष्पक्षता की उम्मीद की जा सकती है? विपक्षी दल इस मामले की जांच CBI से कराने की मांग कर रहे हैं (CBI probe demand Punjab), ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।



