बनारस में नाव पर गंगा नदी में ‘मांसाहार इफ्तारी’ के बाद अब ठीक वैसा ही मामला यूपी के श्रावस्ती में भी सामने आया है। सिरसिया क्षेत्र में सोहेलवा जंगल के बीच स्थित सोनपथरी मंदिर और आश्रम (Sonpathri Baba Ashram controversy) के पास मुस्लिम युवकों ने नॉनवेज इफ्तारी की (Iftar party near temple in Shravasti)। इतना ही नहीं आश्रम के पास में एक छोटी सी नदी बहती है, उन नदी में इन्होंने नॉनवेज खाकर फेंका भी (Non-veg food near Hindu temple)। अब सवाल ये कि पहले बनारस और अब श्रावस्ती, तो क्या ये मात्र एक संयोग है या प्रयोग? इफ्तारी करने के लिए हिन्दुओं के पवित्र स्थल ही क्यों चुने जा रहे हैं? क्या मांसाहार इफ्तार के लिए कोई दूसरी जगह नहीं थी? क्या ये धार्मिक भावनाओं को भड़काने (Religious tension) की कोशिश की जा रही है?
मंदिर के पास इफ्तार पार्टी का वीडियो
पूजा के लिए होता है नदी के जल का इस्तेमाल
ये नदी मंदिर परिसर से जुड़ी हुई है। यहां श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। यहां धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। नवरात्र में यहां पूजा अर्चना के लिए श्रावस्ती जिले के लोगों के साथ-साथ गोंडा, बलरामपुर और बहराइच के अलावा नेपाल से भी श्रद्धालु आते हैं। आश्रम के सामने बह रही पवित्र नदी के जल को ही यहां आने वाले श्रद्धालु पीते हैं। विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक, मूर्तियों की सफाई और आश्रम में प्रतिदिन चलने वाले भंडारे का भोजन पकाने में भी इसी जल का प्रयोग होता है (Temple premises dispute)।
हिन्दुओं की भावनाओं को भड़काने की कोशिश?
मुस्लिम युवकों ने यहां नॉनवेज खाकर अपवित्र किया (Iftar party controversy), साथ ही बेखौफ होकर वीडियो भी बनाया। जबकि बनारस में गंगा नदी में ऐसी ही नॉनवेज इफ्तार पार्टी हुई थी, तो उन आरोपियों को जेल की हवा खानी पड़ी थी। तो अंजाम जानने के बाद भी दोबारा ऐसी हिमाकत करने के पीछे वजह क्या है? क्या ये दिखाने की कोशिश है, कि हम रुकेंगे नहीं? आखिर किसकी सरपरस्ती में ये दुस्साहस किया गया (UP communal controversy) ?
पुलिस ने 4 आरोपियों को जेल भेजा
वीडियो सामने आया तो लोगों ने इस पर बेहद कड़ी आपत्ति जताई। वीडियो वायरल होने और मंदिर के पंडित शरणानन्द महराज की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जमाल, इरफान, इमरान और जहीर को गिरफ्तार कर लिया है और इन्हें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि बाकी लोगों की पहचान की जा रही है।



