TVK चीफ थलापति विजय ने तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद भी सादगी और राजनीतिक संदेश देने वाला कदम उठाया है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही उन्हें दिए गए आधिकारिक सुरक्षा काफिले को लेने से इनकार कर दिया।
आवास से लौटाए गए चार सरकारी वाहन
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विजय ने साफ कहा है कि वह तभी मुख्यमंत्री स्तर की सरकारी सुरक्षा और सुविधाएं स्वीकार करेंगे, जब उनकी पार्टी औपचारिक रूप से सरकार बना लेगी और बहुमत साबित हो जाएगा। विधानसभा चुनाव में TVK को 108 सीटें मिलने के बाद 4 मई को मुख्यमंत्री सुरक्षा काफिले के तहत 4 सरकारी वाहन भेजे गए थे, विजय के अनुरोध पर उनके पनैयूर स्थित आवास से वापस भेज दिया गया। इतना ही नहीं, 6 मई को जब विजय राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar से सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे, तब भी उन्होंने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात रहा।
फिर राज्यपाल से मिले विजय
तमिलनाडु में सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। विजय ने गुरुवार को एक बार फिर लोकभवन में राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात की। इस दौरान TVK महासचिव एन. आनंद भी उनके साथ मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल स्थिर सरकार सुनिश्चित करना चाहते हैं और बहुमत साबित होने के बाद ही विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
DMK को हराकर TVK की बड़ी जीत
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए गए। विजय की नई पार्टी TVK ने सत्तारूढ़ Dravida Munnetra Kazhagam को बड़ा झटका देते हुए 108 सीटें हासिल कीं। वहीं DMK को सिर्फ 59 सीटों पर संतोष करना पड़ा। राज्यपाल ने बुधवार को राज्य की 16वीं विधानसभा भंग कर दी, जिसके बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।


